जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी) ने विश्वविद्यालयों सहित देश भर के उच्च शिक्षण संस्थानों को चेताया है और कहा कि वह छात्रों की सुरक्षा और उनके हितों को लेकर वह सभी जरूरी कदम उठाए, जिनके दिशा-निर्देश उन्हें पूर्व में दिए गए है।
इनमें संस्थान में छात्रों के लिए एक पारदर्शी शिकायत व रैंगिंग कमेटी का गठन सहित छात्रों के फीस, दाखिले व भेदभाव जैसे मुद्दों को सुनने व निगरानी रखने से जुड़े दिशा-निर्देशों व नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा है। साथ ही कमेटियों की बैठकों आदि का ब्यौरा भी वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है।
UGC ने बढ़ाई निगरानी
यूजीसी ने विश्वविद्यालय और कालेजों पर यह निगरानी तब बढ़ाई है, जब यूजीसी के पास छात्रों से जुड़ी शिकायतों में बढ़ोतरी हो रही है। एक रिपोर्ट की मानें तो पिछले तीन सालों में अकेले फीस न वापस करने को लेकर यूजीसी के पास करीब 45 सौ शिकायतें पहुंची है। इनमें सबसे अधिक शिकायतें वर्ष 2024-25 की है।
वहीं रैंगिंग के मामले आए दिन उच्च शिक्षण संस्थानों में देखने को मिलते है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2022 से 2024 के बीच रैं¨गग के चलते 51 छात्रों की मौत हुई है। यूजीसी ने इस दौरान सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर को सीसीटीवी व दूसरे उपायों से लैस करने के भी निर्देश दिए है।
यूजीसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक छात्रों से जुड़े मुद्दों में बढ़ोतरी के पीछे उच्च शिक्षण संस्थानों का रवैया ही प्रमुख कारण है। ऐसे में इन संस्थानों में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं इसका निगरानी जरूरी है।
UGC सख्त निर्देश
इस बीच यूजीसी के सचिव मनिष जोशी ने सभी विश्वविद्यालयों से कुलपतियों से कहा कि वह विश्वविद्यालयों से छात्रों से जुड़े नियमों व दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराए। साथ ही अपने से संबंध कालेजों को भी इस पर सख्ती अमल सुनिश्चित कराने के निर्देश दे।