राजीव कुमार, नई दिल्ली। आरबीआई ने बैंकों के लिए माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज (एमएसई) को गिरवी मुक्त या बिना किसी गारंटी के लोन देने की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया है।शुक्रवार को आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि छोटे उद्यमियों को अधिक क्रेडिट की जरूरत है।
इस साल अप्रैल के बाद एमएसएमई को दिए जाने वाले लोन पर आरबीआइ का यह फैसला प्रभावी होगा। क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फार माइक्रो एंड स्माल इंटरप्राइजेज लोन लेने वाले उद्यमियों की गारंटी लेगा। इस क्रेडिट की सुविधा को दूरदराज में स्थित छोटे उद्यमियों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
गिरवी-मुक्त ऋण सीमा 10 से 20 लाख हुई
वर्ष 2010 में एसएमई के गारंटी मुक्त लोन की सीमा पांच लाख से बढ़कार 10 लाख की गई थी। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सब्नविस कहते हैं, आरबीआइ का यह फैसला बजट में एमएसएमई को लेकर की गई घोषणा को आगे बढ़ाएगा। गारंटी मुक्त लोन की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करना बजट के अनुरूप ही है।
गत एक फरवरी को पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई को क्रेडिट सुविधा बढ़ाने और उनके लिए अलग से एक 10,000 करोड़ रुपए के फंड बनाने की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि देश के निर्यात में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी एमएसएमई की है।
क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट ऋणों की गारंटी देगा
वैश्विक चुनौतियों की वजह से कई सेक्टर के निर्यातक दिक्कत में है। ऐसे में इस घोषणा से छोटे उद्यमियों को अपनी कार्यशील पूंजी के प्रवाह बढ़ाने में मदद मिलेगी।हालांकि आरबीआइ की इस घोषणा पर स्माल इंडस्ट्री ने बताया कि इससे मुख्य रूप से माइक्रो श्रेणी के उद्यमियों को मदद मिलेगी।
स्माल इंडस्ट्री के लिए कम से कम 50 लाख तक का लोन गारंटी मुक्त किया जाना चाहिए। उद्यमियों ने बताया कि सब कुछ बैंक पर निर्भर करता है क्योंकि कई बार सरकार या आरबीआइ के निर्देश के बाद भी बैंक आसानी से बिना गारंटी के लोन नहीं देते हैं।