जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में 960 करोड़ रुपये से अधिक के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाला मामले में फरार चल रहे पूर्व आइएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने उन्हें गुरुवार को दिल्ली में गिरफ्तार किया और देर शाम लेकर जयपुर पहुंची। यहां एसीबी महानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के नेतृत्व में एक टीम उनसे पूछताछ कर रही है।
करीब तीन महीने से फरार सुबोध अग्रवाल के खिलाफ एसीबी ने जेजेएम घोटाला मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
ब्यूरो की जांच में फर्जी बिल, वित्तीय गड़बड़ियों और ठेकों की प्रक्रिया में अनियमितता सहित कई तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया था। गुरुवार को सुबोध के वकील ने उनके सरेंडर करने की बात कही, वहीं एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया।
एसीबी ने इस साल 17 फरवरी को जेजेएम घोटाला मामले में राजस्थान के पांच शहरों सहित झारखंड, बिहार और दिल्ली के 15 ठिकानों पर छापेमारी कर राज्य सरकार में जलदाय विभाग के नौ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था।
तत्कालीन कांग्रेस सरकार में जलदाय मंत्री महेश जोशी को भी ईडी ने गिरफ्तार किया था लेकिन वह फिलहाल जमानत पर हैं।
कबाड़ी से जंग लगे पाइप खरीद बिछा दी थी लाइन
केंद्र सरकार की जेजेएम योजना के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल अभियान के तहत पाइप लाइन बिछाई जानी थी। जलदाय विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर ठेकेदारों ने हरियाणा से पुराने व जंग लगे लोहे के पाइप कबाड़ी से खरीद कर बिछा दिए थे।
कई स्थानों पर चोरी किए गए पाइप भी बिछाए गए थे। साथ ही ठेके की शर्तों में फर्जीवाड़ा कर दो ठेकेदारों पदमचंद जैन व महेश मित्तल को लाभ दिया गया। एसीबी ने दोनों को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था।