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यौन अपराधी जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी फ़ाइलों की ‘हैंडलिंग’ को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में सुनवाई उस समय हंगामे में बदल गई जब अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने न्याय विभाग का बचाव किया है.
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान कई मुद्दों पर पाम बोंडी से काफ़ी तीख़े सवाल पूछे गए.
हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स की न्यायिक समिति के सामने बोंडी की गवाही कई बार तल्ख़ बहस में तब्दील हो गई.
एक मौक़े पर बोंडी ने डेमोक्रेट सदस्य को “बेकार हो चुका हारने वाला” तक कहा. एक अन्य तीखे विवाद के बाद एक सांसद ग़ुस्से में बैठक से बाहर चले गए.
चार घंटे चली सुनवाई की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं-
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1. बोंडी ने संपादित अंशों का बचाव किया
यह सुनवाई न्याय विभाग की ओर से इस साल की शुरुआत में रसूख़दार लोगों के बीच संपर्कों का नेटवर्क रखने वाले बाल यौन शोषक जेफ़री एपस्टीन से जुड़ी जांच के लाखों दस्तावेज़ जारी किए जाने के बाद हुई.
सुनवाई के दौरान एपस्टीन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सर्वाइवर, पाम बोंडी के पीछे बैठी थीं और सांसद बार-बार उनका ज़िक्र कर रहे थे.
अपने शुरुआती बयान में बोंडी ने एपस्टीन को ‘मॉन्सटर’ (दानव) बताया और महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘उन्हें उनके साथ हुए उत्पीड़न के लिए दुख है.’
हालांकि, सांसदों ने दस्तावेज़ जारी करने के न्याय विभाग के तरीक़े को लेकर बोंडी से तीखे सवाल किए. कई सांसदों ने इस बात की तीख़ी आलोचना की कि क़ानून के अनुसार, जिन नामों को गोपनीय रखना था, उसमें विभाग विफल रहा.
डेमोक्रेट सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा कि कुछ मामलों में महिलाओं की “नग्न तस्वीरें” भी जारी कर दी गईं जबकि उनमें से कुछ की पहचान “दशकों” से सुरक्षित रखी गई थी.
जयपाल ने बैठक में मौजूद महिलाओं से पूछा कि क्या वे न्याय विभाग से नहीं मिल सकीं. इसके बाद सभी महिलाएं खड़ी हो गईं.
इसके बाद जयपाल ने बोंडी से दस्तावेज़ों में नाम को गोपनीय रखने की प्रक्रिया को लेकर महिलाओं से माफ़ी मांगने की मांग की.
इस पर बोंडी ने पलटवार करते हुए जयपाल के सवालों को ‘नाटक’ बताया और कहा, “मैं इस महिला के साथ इस स्तर पर नहीं उतरूंगी.”
सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने यह भी कहा कि क़ानून के तहत तय समयसीमा में दस्तावेज़ जारी करते हुए अधिकारियों ने महिलाओं की पहचान सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश की. उन्होंने कहा कि जो भी नाम ‘अनजाने में’ जारी हो गए थे, उन्हें ‘तुरंत हटा दिया गया.’
बोंडी से एपस्टीन की सहयोगी गिलेन मैक्सवेल को लेकर भी सवाल किए गए. डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंश से मुलाक़ात के बाद मैक्सवेल को फ़्लोरिडा की एक ‘कम सुरक्षा’ वाली जेल से टेक्सस के एक ‘न्यूनतम सुरक्षा’ वाली महिला जेल कैंप में स्थानांतरित किया गया था.
एक डेमोक्रेट सांसद डेबोरा रॉस ने कहा, “उन्हें जल्द से जल्द अधिकतम सुरक्षा वाली जेल में वापस भेजा जाना चाहिए.”
बोंडी ने कहा कि यह ब्यूरो ऑफ प्रिजन्स का मामला है और उन्हें इस तबादले की जानकारी बाद में मिली. उन्होंने कहा कि “उम्मीद है कि मैक्सवेल जेल में ही मरेंगी.”
सुनवाई में मौजूद एपस्टीन मामले की एक सर्वाइवर, मरीना लासेरडा, ने बीबीसी से कहा कि बोंडी ने महिलाओं की मदद करने की इच्छा नहीं दिखाई है.
उन्होंने कहा, “उन्होंने हमारे किसी भी फोन कॉल का जवाब नहीं दिया. उन्होंने हमारे ईमेल का जवाब नहीं दिया. उन्होंने हमें पूरी तरह नज़रअंदाज किया, जैसा कि आज किया.”
लासेरडा ने बोंडी और न्याय विभाग पर यह भी आरोप लगाया कि वे महिलाओं को चुप कराने के लिए ‘डराने की कोशिश’ कर रहे हैं.
2. रिपब्लिकन सांसदों ने भी घेरा
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सुनवाई के दौरान एपस्टीन फ़ाइलों में हटाए गए नामों को लेकर भी माहौल और तनावपूर्ण हो गया.
अमेरिका के दोनों दलों के कुछ सांसदों ने न्याय विभाग पर आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम क़ानूनी रूप से सुरक्षित नहीं थे, उनके नाम भी ग़लत तरीक़े से हटा दिए गए. इन सांसदों को बिना संपादित दस्तावेज़ देखने की अनुमति दी गई थी.
इसके बाद न्याय विभाग ने कम से कम एक दस्तावेज़ में कुछ नाम फिर से सार्वजनिक किए.
इन प्रयासों में शामिल रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने बोंडी से पूछा कि नाम हटाने के लिए कौन ज़िम्मेदार था और क्या इस ‘विफलता’ के लिए किसी को जवाबदेह ठहराया जाएगा?
मैसी ने कहा कि यह मुद्दा “वाटरगेट से भी बड़ा” है और अमेरिकी सरकार के कई प्रशासनों तक फैला हुआ है.
मैसी जब यह सवाल उठा रहे थे कि कुछ लोगों के नाम, जिनमें अरबपति लेस वेक्सनर भी शामिल हैं, शुरुआत में क्यों छिपा दिए गए थे, तब बोंडी ने कहा, “यह एक राजनीतिक मज़ाक है.”
वेक्सनर पहले आरोप लगा चुके हैं कि एपस्टीन ने उनके वित्तीय सलाहकार के रूप में काम करते हुए उनसे लाखों डॉलर की धोखाधड़ी की थी.
वेक्सनर के एक क़ानूनी प्रतिनिधि ने बीबीसी से कहा, “सहायक अमेरिकी अटॉर्नी ने 2019 में वेक्सनर के क़ानूनी सलाहकार से कहा था कि वेक्सनर को एपस्टीन के बारे में जानकारी के सोर्स के रूप में देखा जा रहा है और वे किसी भी तरह से जांच के लक्ष्य नहीं थे.”
“वेक्सनर ने एपस्टीन की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी देकर पूरा सहयोग किया और उसके बाद उनसे दोबारा संपर्क नहीं किया गया.”
3-एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर के बारे में भी हुए सवाल
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एपस्टीन फ़ाइलों पर चर्चा के दौरान कैलिफ़ोर्निया के डेमोक्रेट सांसद टेड लियू ने एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर का ज़िक्र किया.
उन पर आरोप लगाने वाली वर्जीनिया जिउफ्रे के परिवार और कुछ अधिकारियों की ओर से अमेरिका में गवाही देने का दबाव बढ़ रहा है.
एंड्रयू ने बार-बार इन आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने साल 2022 में जिउफ़्रे के साथ अदालत के बाहर समझौता किया था, जिसमें किसी भी क़ानूनी ज़िम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया गया था.
लियू ने सुनवाई के दौरान एपस्टीन फ़ाइलों से पूर्व प्रिंस की एक तस्वीर दिखाई, जिसमें माउंटबेटन-विंडसर एक महिला के ऊपर झुके दिखाई दे रहे हैं. इन तस्वीरों के बारे में कोई संदर्भ उपलब्ध नहीं कराया गया है.
यह साफ़ नहीं है कि तस्वीरें कब और कहां ली गईं. तस्वीर अपने आप में किसी आपराधिक कृत्य का संकेत नहीं देती.
लियू ने पूछा कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल माउंटबेटन-विंडसर के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने में क्यों नहीं किया गया. इस पर बोंडी ने पूछा कि लियू ने ये सवाल पूर्व अटॉर्नी जनरल मेरिक गारलैंड से क्यों नहीं किए.
लियू ने कहा, “मैं आपसे सहमत हूं, गारलैंड अपनी ज़िम्मेदारी निभाने में विफल रहे.”
4- डेमोक्रेट सदस्यों ने मिनियापोलिस घटना की जांच की मांग की
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सुनवाई के दौरान एपस्टीन फ़ाइल मुख्य मुद्दा था, लेकिन सांसदों ने मिनेसोटा के मिनियापोलिस में फ़ेडरल इमिग्रेशन एजेंटों की कार्रवाई पर भी बोंडी से सवाल किए.
पिछले दिनों मिनियापोलिस में फ़ेडरल एजेंटों की गोली से दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद देशभर में प्रदर्शन शुरू हो गए.
टेनेसी के डेमोक्रेट सांसद स्टीव कोहेन ने बोंडी से कहा कि ये गोलीकांड “मुठभेड़ में हत्या” जैसे थे और न्याय विभाग ने उनकी जांच नहीं की.
बोंडी ने मिनेसोटा में संघीय सरकार की कार्रवाई का बचाव किया. उन्होंने कहा कि कुछ चुने हुए अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और फ़ेडरल एजेंटों को भड़काया.
बोंडी ने कहा कि इन अधिकारियों ने क़ानून प्रवर्तन कार्यवाही में बाधा डाली और ख़ुद को संघीय सरकार के ख़िलाफ़ “युद्ध की स्थिति” में होना बताया.
हालांकि बाकी रिपब्लिकन सांसदों ने बोंडी का समर्थन किया, जिसमें समिति के अध्यक्ष जिम जॉर्डन भी थे.
जॉर्डन ने अवैध प्रवासियों के ख़िलाफ़ राष्ट्रपति ट्रंप की कार्रवाई को लागू करने के तरीक़े के लिए बोंडी की तारीफ़ की.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.