एएनआई, बेंगलुरु। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने गुरुवार को कहा कि दुष्कर्म के दोषी पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास जेल के अंदर मोबाइल फोन मिलने के मामले में जो भी अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसमें शामिल अधिकारी का पद मायने नहीं रखेगा।
जब खरगे से पूछा गया कि क्या कर्नाटक की जेल में बंद रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिलने की घटना के सिलसिले में डीजीपी (जेल और सुधार सेवा) आलोक कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई शुरू की गई है, तो उन्होंने कहा, “हम अब भी जांच कर रहे हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि अधिकारी कौन है। उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा।”
उनका यह बयान जेल की सुरक्षा और जवाबदेही पर उठ रहे सवालों के बीच आया है। ये सवाल तब उठे, जब खबर आई कि कर्नाटक की जेल में बंद रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिला था। गृह मंत्री ने कहा कि जांच अब भी चल रही है और संकेत दिया कि तथ्य सामने आने के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
इस मामले ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि कड़ी सुरक्षा वाली जेल में मोबाइल फोन कैसे पहुंचा और क्या जेल के अधिकारियों या कर्मचारियों ने तय सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। खरगे ने जोर देकर कहा कि अगर जांच में कोई गड़बड़ी या लापरवाही साबित होती है, तो सरकार अधिकारियों के पद के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगी।