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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक को बेचने की समय सीमा फिर बढ़ा दी है. अब इस वीडियो शेयरिंग ऐप को बिना बिके अमेरिका में बने रहने के लिए और 75 दिनों की मोहलत मिल गई है.
अमेरिका में सेवाएं बनाए रखने के लिए इस ऐप को बेचना ज़रूरी है या फिर इसे अमेरिका में बैन कर दिया जाएगा.
ट्रंप ने कहा है कि वो इस ऐप को बंद नहीं होने देना चाहते हैं. इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर टिकटॉक के बेचने पर समझौता हो जाता है तो वो चीनी आयात पर लग रहे टैरिफ़ में कुछ छूट दे सकते हैं.
दरअसल अमेरिका में बड़ी संख्या में टिकटॉक के यूजर इसपर प्रतिबंध लगाने के ख़िलाफ़ हैं.
समाचार ऐजेंसी रॉयटर्स की एक ख़बर के मुताबिक़ इसी हफ़्ते ट्रंप के टैरिफ़ की घोषणा के बाद चीन ने संकेत दिया है कि वो अमेरिका में टिकटॉक को बेचे जाने को मंज़ूरी नहीं देगा.
अमेरिकी सीनेट में ट्रंप के विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चुक स्कमर ने कहा है कि राष्ट्रपति केवल ट्रैरिफ़ के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.
आलोचक अक्सर टिकटॉक पर हद से अधिक डेटा जमा करने का आरोप लगाते रहे हैं.
ऑस्ट्रेलियाई साइबर कंपनी इंटरनेट 2.0 के शोधकर्ताओं ने जुलाई 2022 में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसे अमूमन टिकटॉक पर डेटा कलेक्शन के आरोपों के सबूत के तौर पर पेश किया जाता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में साल 2020 में एग्ज़ीक्यूटिव ऑर्डर में आरोप लगाया था कि टिकटॉक का डेटा कलेक्शन “संभवतः चीन को सरकारी कर्मचारियों और कॉन्टैक्टरों के लोकेशन ट्रैक करने, उनकी निजी जानकारियों को ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल करने और जासूसी करने में मदद कर सकता है.”