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टीएमसी और उसका चुनाव चिह्न फ़िलहाल हुआ फ़्रीज़, ममता भी नहीं कर पाएंगी इस्तेमाल, जानिए पूरा फ़ैसला

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Sep 18, 2026


तृणमूल कांग्रेस

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 6 मिनट

चुनाव आयोग ने गुरुवार को जारी एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनावों में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी.

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विधानसभा में मौजूदा नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों से कहा कि वे शुक्रवार सुबह 11 बजे तक उपचुनाव के लिए अपने-अपने गुटों के वैकल्पिक नाम और चुनाव चिह्न के प्रस्ताव जमा करें.

कांग्रेस ने कहा कि चुनाव आयोग का यह क़दम भारतीय लोकतंत्र के दिल में गोली दागने की तरह है.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “चुनाव आयोग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह बीजेपी के हाथों की कठपुतली के अलावा कुछ नहीं है. चुनाव आयोग लोकतंत्र को धीरे-धीरे ख़त्म करने का एक औजार बन गया. उसने शिवसेना, एनसीपी और अब टीएमसी के मामले में भी यही किया है. जो भी बीजेपी का विरोध करता है, उस पर घातक वार किया जाता है और उसका पूरा चुनावी अस्तित्व छीन लिया जाता है.”

चुनाव आयोग के इस फ़ैसले पर ‘बैटलग्राउंड बंगाल’ के लेखक और कोलकाता के ज़ेवियर कॉलेज में पत्रकारिता के अध्यापक सायंतन घोष ने लिखा है, ”मेरे विचार में निर्वाचन आयोग की ओर से टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज किया जाना पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं था.”

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