इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी क्रिकेटरों के साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी (फ़ाइल फ़ोटो)….में
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी रविवार को लाहौर में अगले हफ़्ते भारत के ख़िलाफ़ T20 वर्ल्ड कप मैच के पाकिस्तान के प्लान किए गए बहिष्कार पर बातचीत के लिए मिलेंगे.
आईसीसी के डिप्टी चेयर इमरान ख्वाजा और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य मुबाशर उस्मानी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से मिलेंगे.
इस मीटिंग में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम भी मौजूद रहेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट अमीनुल इस्लाम पीसीबी और आईसीसी की वर्चुअल मीटिंग के लिए लाहौर पहुंच गए हैं.
बांग्लादेश ने टीम की सुरक्षा का हवाला देकर अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग की थी. लेकिन उनके अनुरोध को आईसीसी ने खारिज कर दिया था.
इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने कहा कि उनकी टीम 15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ़ अपने मैच का बहिष्कार करेगी.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि यह फैसला बांग्लादेश का “समर्थन” करने के लिए लिया गया है.
अगर पाकिस्तान मैच का बहिष्कार करता है, तो वे मिलने वाले पॉइंट्स खो देंगे.
इससे आईसीसी के मौजूदा राइट्स डील्स पर विवाद हो सकता है और लगातार बनी अनिश्चितता भविष्य के समझौतों पर असर डाल सकती है, क्योंकि मौजूदा टीवी डील्स 2027 वर्ल्ड कप के बाद ख़त्म होने वाली हैं.
क्या है विवाद?
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इमेज कैप्शन, स्पोर्ट्स एडवाइज़र आसिफ़ नज़रुल ने पत्रकारों को भारत में न खेलने के अपने फैसले के बारे में बताया था
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ मैच का बहिष्कार करने के फ़ैसले पर आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को चेतावनी दी थी.
आईसीसी ने कहा था कि ‘वो उम्मीद करता है कि पीसीबी एक आपसी सहमति वाले समाधान निकाले, जो सभी संबंधित पक्षों के हितों की रक्षा करता हो.’
आईसीसी ने पाकिस्तान के इस फ़ैसले के ‘दूरगामी परिणाम’ होने की बात भी कही है.
भारत और श्रीलंका में 7 फ़रवरी से शुरू हुआ आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप आठ मार्च तक चलेगा. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 फ़रवरी को भारत और पाकिस्तान की टीमों के बीच मुक़ाबला तय है.
एक फ़रवरी को पाकिस्तान सरकार ने एक्स पर एक बयान जारी करते हुए ’15 फ़रवरी को भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मैदान में नहीं उतरने की जानकारी दी थी.’
हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से इस फ़ैसले को लेकर कोई कारण नहीं बताया गया था.
दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश ने इस टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ज़मीन पर मैच खेलने से इनकार कर दिया और फिर आईसीसी ने उसे इस टूर्नामेंट से बाहर करते हुए स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया.
पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया और कहा कि “अगर कोई देश सुरक्षा कारणों से किसी देश में खेलने से मना करता है, तो बांग्लादेश को भी यह अधिकार होना चाहिए.”
संदर्भ बीते साल पाकिस्तान में हुई चैंपियंस ट्रॉफ़ी का था जहां जाकर भारतीय क्रिकेट टीम ने खेलने से इनकार कर दिया था और फिर भारत के मैच दुबई में हुए थे.
आईसीसी ने क्या कहा था?
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इमेज कैप्शन, बांग्लादेश की मांगे नहीं मानने के बाद कई पूर्व क्रिकेटरों ने आईसीसी की आलोचना की थी (आईसीसी प्रमुख जय शाह की फ़ाइल फ़ोटो)
पाकिस्तान सरकार के बयान जारी किए जाने के कुछ घंटे बाद ही आईसीसी ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए बताया था कि उसे अभी आधिकारिक रूप से पीसीबी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है और पाकिस्तान के फ़ैसले से वैश्विक क्रिकेट ढांचे पर असर पड़ सकता है.
बयान में कहा गया था, “आईसीसी ने पाकिस्तान सरकार के उस बयान का संज्ञान लिया है, जिसमें उसने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी राष्ट्रीय टीम को सेलेक्टिव रूप से शामिल होने के निर्देश देने के फैसले की बात कही है.”
इसमें आगे कहा गया था, “आईसीसी को अब तक पीसीबी की तरफ से आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. सेलेक्टिव पार्टिसिपेशन का यह रुख़ किसी वैश्विक खेल आयोजन की मूल भावना से मेल नहीं खाता, जहां क्वालीफाई करने वाली सभी टीमों से तय शेड्यूल के तहत बराबरी के आधार पर खेलने की उम्मीद की जाती है.”
“आईसीसी टूर्नामेंट खेल की ईमानदारी, प्रतिस्पर्धा, निरंतरता और निष्पक्षता पर आधारित होते हैं. सेलेक्टिव पार्टिसिपेशन इन प्रतियोगिताओं की भावना और विश्वसनीयता को कमजोर करता है.”
“आईसीसी राष्ट्रीय नीतियों से जुड़े मामलों में सरकारों की भूमिका का सम्मान करता है, लेकिन यह फैसला वैश्विक क्रिकेट या दुनियाभर के प्रशंसकों के हित में नहीं है और इनमें पाकिस्तान के लाखों प्रशंसक भी शामिल हैं.”
बयान में चेतावनी दी गई थी, “आईसीसी को उम्मीद है कि पीसीबी इस फैसले के गंभीर और लंबे समय तक पड़ने वाले असर पर विचार करेगा, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक क्रिकेट ढांचे पर पड़ सकता है, जिसका पीसीबी खुद सदस्य और लाभार्थी है.”
बयान के अंत में उचित समाधान की उम्मीद जताते हुए कहा गया था, “आईसीसी की प्राथमिकता आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप का सफल आयोजन है. यह ज़िम्मेदारी पीसीबी समेत सभी सदस्य बोर्ड की भी है. आईसीसी को उम्मीद है कि पीसीबी सभी स्टेकहोल्डर्स के हितों की रक्षा करते हुए आपसी सहमति से कोई समाधान तलाशेगा. “
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.