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शनिवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने पहले मैच में भारत ने अमेरिका को 29 रनों से हरा दिया.
कमज़ोर आंकी जा रही अमेरिकी क्रिकेट टीम के ख़िलाफ़ मैच में एक समय भारत की स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी.
टॉस जीतकर अमेरिका ने पहले फील्डिंग चुनी और भारतीय बल्लेबाज़ों का जैसा प्रदर्शन रहा, उससे उनका ये फ़ैसला सही साबित होता नज़र आया. पहली ही गेंद पर अभिषेक शर्मा आउट हो गए, फिर नियमित अंतराल पर भारतीय टीम अपने विकेट गंवाती रही. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक छोर थामे रखा और 84 रनों की ज़िम्मेदारी भरी पारी खेली.
इस मैच की पाकिस्तान में काफ़ी चर्चा रही हालांकि पाकिस्तानी टीम भी नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ मुश्किल से ही जीत पाई थी.
शनिवार को ही श्रीलंका में हुए मैच में पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स को तीन गेंद रहते तीन विकेट से हराया.
भारत और पाकिस्तान के शुरुआती मैचों की बात करें तो दोनों के लिए नतीजा तो उनके पक्ष में रहा, लेकिन जिस तरह से भारत और पाकिस्तान उनके ख़िलाफ़ कमतर आंकी जा रही टीमों के ख़िलाफ़ जूझतीं नज़र आईं, उससे क्रिकेट प्रशंसकों को कुछ हैरानी ज़रूर हुई.
पाकिस्तान में कप्तान सूर्यकुमार यादव की शानदार पारी की खूब चर्चा है. पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों का कहना है कि सूर्यकुमार ने साबित किया है कि उन्हें जो रोल दिया गया था, उन्होंने ठीक उसी के मुताबिक काम किया है.
सूर्यकुमार यादव की तारीफ़
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पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट सलमान बट ने एक टेलीविज़न चर्चा के दौरान भारतीय टी-20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की फ़ॉर्म वापसी की तारीफ़ की.
उन्होंने कहा, “एक समय 77 रनों पर भारत के छह बल्लेबाज़ आउट हो गए थे और बहुत मुश्किल खड़ी हो गई थी. लेकिन सूर्यकुमार ने काफ़ी हद तक संभाला. पिछले छह से आठ महीने उनके लिए काफ़ी मुश्किल थे, लेकिन उन्होंने समय पर और ज़ोरदार वापसी की.”
सलमान बट ने कहा, “जैसे पाकिस्तान सुबह (शनिवार) फंस गया था, एक अच्छी पोज़िशन से मुश्किल में चला गया था, जबकि भारत भी एक ग़लत पोज़िशन से रिकवर कर गया. बड़ी टीम और छोटी टीम का यही फ़र्क होता है कि अगर एक भी खिलाड़ी अच्छा खेलता है तो वो प्रतिद्वंद्वी टीम पर भारी पड़ता है.”
पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने कहा, “सूर्यकुमार यादव ने 36 गेंदों में अर्द्धशतक बनाया और उसके बाद उन्होंने अपना रुख़ बदला और धुआंधार बल्लेबाज़ी की. जितने भी छक्के मारे वो ऑफ़ स्टम्प की वाइड गेंदें थीं. स्टेडियम के सारे पैरामीटर उन्हें पता थे क्योंकि वो वहां बहुत खेले हैं, वो उनका होमग्राउंड है. लेकिन उन्होंने टेकल बहुत अच्छा किया.”
उन्होंने कहा, “एक छोर पर विकेट गिरते रहे और दूसरे छोर पर कप्तान (सूर्यकुमार यादव) अड़ा रहा. बहुत अच्छा खेला. नाबाद 84 रन. मुझे 130-35 के टोटल की उम्मीद थी लेकिन सारा श्रेय सूर्यकुमार यादव को जाता है. प्लेयर ऑफ़ द मैच वही बने.”
हालांकि सकलैन मुश्ताक़ ने सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन का क्रेडिट गौतम गंभीर को दिया.
उन्होंने कहा, “मैनेजमेंट को आपके ऊपर पूरा भरोसा होना चाहिए. यहां पर गौतम गंभीर को क्रेडिट देना चाहिए या फिर चयनकर्ताओं को जिन्होंने उन पर भरोसा जताया. जब सूर्यकुमार यादव चल नहीं पा रहे थे, तब भी प्रबंधन ने उन पर भरोसा किया. मैनेजमेंट को पता था कि उनका ये रोल है और उन्होंने ये साबित भी किया.”
उन्होंने कहा कि लोग मान कर चल रहे थे कि भारत अमेरिका के ख़िलाफ़ 200 रन बनाएगा, यह वही टीम है जो दक्षिण अफ़्रीका की बेहतरीन गेंदबाज़ी के ख़िलाफ़ 200 रन बनाती रही है.
एक और पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद हफीज़ ने कहा, “सूर्यकुमार यादव जब से टीम में आए हैं उन्होंने बहुत प्रभावित किया है. जब वो नहीं चल रहे थे, तब भी टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा जताया हुआ था. फ़ेल होने के बावजूद वो चौथे नंबर पर ही बल्लेबाज़ी करते रहे. उनके लिए एक रोल डिफ़ाइन है और वो उसे डिलीवर कर रहे हैं.”
‘मुंबई की ऐसी पिच नहीं देखी थी’
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पूर्व क्रिकेटर बासित अली का कहना है कि उन्होंने मुंबई की ऐसी पिच पहले कभी नहीं देखी थी.
भारत-अमेरिकी टी-20 मैच को लेकर बासित अली ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “भारत और अमेरिका के बीच लग नहीं रहा था कि ऐसा मैच होगा. मुंबई की पिच मैंने कभी ऐसी नहीं देखी थी, जिस पर बॉल बाउंस भी हो रहा था, ब्रेक भी हो रहा था और ग्रिप भी हो रहा था.”
“अमेरिका ने टॉस जीतकर भारत को बैटिंग दी. छह ओवर में 44 रन और चार विकेट. और 77 रनों पर छह विकेट गिर चुके थे. ऐसा लग रहा था कि भारत 130-35 ही बना पाएगा. लेकिन स्कोर 167 तक पहुंचा.”
उन्होंने कहा कि टी-20 वर्ल्ड के पहले दिन की एक ख़ासियत थी कि अपेक्षाकृत कमज़ोर समझी जाने वाली टीमों (नीदरलैंड्स, अमेरिका, स्कॉटलैंड) ने 200 रन नहीं बनने दिए.
बासित अली ने कहा, अमेरिका ने 77 रनों पर भारत के छह विकेट ले लिये. इसका अगला मैच पाकिस्तान के साथ होने वाला है. यह वही टीम है जिसने पिछले वर्ल्ड कप में पहले ही राउंड में पाकिस्तान को बाहर करने में अहम भूमिका निभाई थी.
बासित अली का कहना है कि नीदरलैंड्स तो पाकिस्तान के साथ जीता हुआ मैच एक कैच ड्रॉप होने की वजह से हार गया.
‘पाकिस्तान का तुक्का लग गया’
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नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ पाकिस्तान भले जीत गया हो लेकिन पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर काफ़ी निराश नज़र आए.
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर कामरान अकमल ने यहां तक कह दिया कि ‘वर्ल्ड कप के पहले मैच में पाकिस्तान का तुक्का लग गया.’
द गेम प्लान चैनल पर एक बातचीत में अकमल ने कहा, “आख़िर में फ़हीम अशरफ़ ने 11 गेंदों में 29 रन बना दिए. ये बहुत शानदार परफ़ॉर्मेंस थी.”
हालांकि पाकिस्तान टीम में खिलाड़ियों के क्रम को लेकर भी मैनेजमेंट की आलोचना होती रही है और शनिवार के मैच में भी यही बात दोहराई गई.
कामरान अकमल और बासित अली दोनों का कहना था कि टीम में ये पता नहीं चल पा रहा कि किस बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ को कब उतारना है.
बासित अली ने कहा, “जिस टीम को ये नहीं पता हमें खेलना किस तरह है, हमारा टारगेट क्या है, किस गेंदबाज़ की क्या ख़ासियत है, वो अगर ऐसे खेलेगी तो यही हाल होगा.”
मुंबई और कोलंबो की पिच पर क्या बोले पूर्व खिलाड़ी
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जहां बासित अली ने वानखेड़े स्टेडियम की पिच पर सवाल खड़ा किया वहीं पूर्व पाकिस्तानी सकलैन मुश्ताक़ ने श्रीलंका की पिच पर प्रतिक्रिया दी है.
बासित अली ने कहा कि भारत के एक समय में 77 रनों पर छह विकेट जो गिरे उसकी वजह पिच थी.
लेकिन पाकिस्तानी टीम के प्रदर्शन को लेकर सबसे तीख़ी टिप्पणी पाकिस्तान के पूर्व ऑफ़ स्पिनर सकलैन मुश्ताक की थी.
सकलैन ने कहा, “मैंने श्रीलंका की पिचों पर इतनी घास कभी नहीं देखी.”
पीटीवी के कार्यक्रम ‘गेम ऑन है’ में सकलैन मुश्ताक़ ने दावा किया “आईसीसी जानती है कि पाकिस्तान स्पिन गेंदबाज़ी पर निर्भर है, इसलिए इसे रोकने के लिए ऐसी पिचें बनाई जा रही हैं जो पाकिस्तान के लिए अनुकूल नहीं हैं. इसलिए, पाकिस्तान के कोच माइक हेसन को अपनी रणनीति बदलनी होगी.”
हालांकि भारत इस टी20 वर्ल्ड कप का साझा मेज़बान है लेकिन इस टूर्नामेंट के लिए पिचें आईसीसी की देखरेख में तैयार की जाती हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.