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टेक के महारथी, स्पेस साइंटिस्ट और स्पाईमास्टर… नकल पर नकेल कसने के लिए बनाई गई धुरंधरों की टीम में कौन-कौन?

Byadmin

Jul 31, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक को लेकर हफ्तों तक चले आंदोलन के बाद देश में नकल पर नकेल कसने के लिए एक्सपर्ट्स की टीम बनाई गई है। इनमें टेक्नोलॉजी लीडर, पूर्व स्पेस साइंटिस्ट, पूर्व स्पाई-मास्टर, एकेडमिक, पूर्व एजुकेशन सेक्रेटरी और लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट तक शामिल हैं।

ये एक्सपर्ट्स भारत की परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधार लाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को नए सिरे से तैयार करने के मामले में केंद्र सरकार को सलाह देंगे।

पीएम मोदी ने की थी टास्क फोर्स की घोषणा

नीट पेपर लीक को लेकर राजधानी में छात्रों के बड़े विरोध-प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव के लिए एक टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की। सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि इस पैनल का नेतृत्व करेंगे।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में कहा था, “हमारी परीक्षा प्रणाली भरोसेमंद और पारदर्शी होनी चाहिए और इसमें टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल होना चाहिए। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए दुनिया भर में मशहूर टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि की अगुवाई में एक हाई-पावर टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया गया है जो परीक्षा में सुधार पर ध्यान देगी और जल्द से जल्द इसकी रिपोर्ट के आधार पर आने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता पक्की करने का काम किया जाएगा।”

मिलते हैं सरकार की टास्क फोर्स में शामिल इन धुरंधरों से…

नंदन नीलेकणि

नंदन नीलेकणि भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक जाना-माना नाम हैं। उन्होंने भारत की सबसे बड़ी और सबसे सफल आईटी कंपनियों में से एक इन्फोसिस (Infosys) की सह-स्थापना की थी। वह कंपनी के बोर्ड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। उन्होंने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) का नेतृत्व भी किया और आधार कार्ड बनाने में अहम भूमिका निभाई।

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Nandan Nilekani

उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। वह टेक्नोलॉजी और डेटा सिक्योरिटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। वह सरकार को परीक्षा के लिए एक ऐसा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म बनाने में भी मदद कर सकते हैं जिसे हैक करना नामुमकिन हो।

पूर्व इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ

श्रीधरा पणिकर सोमनाथ को एस. सोमनाथ के नाम से भी जाना जाता है। वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व निदेशक हैं। वे पेशे से एयरोस्पेस इंजीनियर हैं। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस बैंगलोर से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है।

उन्होंने आईआईटी मद्रास से अपनी डॉक्टरेट भी पूरी की। उनकी अगुवाई में इसरो ने चंद्रमा की खोज के मिशन चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक भेजा। वे जोरो-एरर प्रोसेस और साइबर इंटेलिजेंस के मामले में मदद कर सकते हैं।

S Somanath

स्पेस मिशन की तरह परीक्षाएं आयोजित करने के लिए सुरक्षा के कई स्तर और जीरो-डिफेक्ट स्टैंडर्ड बनाए जा सकते हैं। इससे प्रश्न-पत्र तैयार करने से लेकर नतीजे घोषित करने तक हर चरण पर कई स्तरों पर जांच सुनिश्चित होगी, जिससे मानवीय गलती या तकनीकी खराबी की संभावना कम हो जाएगी।

पूर्व आईबी डायरेक्टर तपन डेका

तपन कुमार डेका भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी हैं। उन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो के 28वें डायरेक्टर के तौर पर काम किया है। उन्होंने फिजिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है।

Tapan Deka

वे परीक्षा माफिया और प्रश्न-पत्र लीक करने वाले गिरोहों को पकड़ने के लिए इंटेलिजेंस नेटवर्क और रियल-टाइम साइबर मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के संबंध में बहुमूल्य सुझाव दे सकते हैं।

आईआईटी मद्रास के निदेशक वी कामकोटि

वी. कामाकोटी आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर हैं। इस प्रमुख संस्थान की वेबसाइट के अनुसार उन्होंने आईआईटी मद्रास से ही कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में एमएस और पीएचडी की डिग्री हासिल की है।

वे 2001 में आईआईटी मद्रास की फैकल्टी में शामिल हुए और जनवरी 2022 में डायरेक्टर का पद संभाला। वे आईआईटी मद्रास में माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम और इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस प्रोग्राम के प्रमुख हैं। इन प्रोग्राम्स को इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय से फंड मिलता है।

V Kamakoti

वे नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य हैं। वे सॉफ्टवेयर और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर को साइबर हमलों से बचाने में मदद कर सकते हैं।

पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल

अनीता करवाल गुजरात कैडर की पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं। वे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग में सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुईं।

Anita Karwal

वह एकेडमिक सुधारों और स्टूडेंट पॉलिसी से जुड़े मामलों में मदद कर सकती हैं। वह ग्रेस मार्क्स पॉलिसी, आंसर-की से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने और परीक्षा केंद्रों के लिए कड़े नियम तय करने के बारे में सुझाव दे सकती हैं।

लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा

अमृत लाल मीणा एक पूर्व नौकरशाह हैं। वे बिहार के मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए। अपनी 25 साल से ज्यादा की सेवा के दौरान उन्होंने वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में लॉजिस्टिक्स के लिए विशेष सचिव के तौर पर भी काम किया।

Meena

वे सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के एक्सपर्ट हैं। वे प्रश्न-पत्रों की प्रिंटिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के लिए ऐसी लॉजिस्टिक्स व्यवस्था लागू करने में मदद कर सकते हैं जिनसे छेड़छाड़ न हो सके। जैसे कि जीपीएस ट्रैकिंग और ऐसे कंटेनर जिनमें डिजिटल लॉक हों जो सिर्फ सही समय और सही जगह पर ही खुलें। इससे ट्रंक या स्ट्रॉन्ग रूम से पेपर गायब होने या उनकी फोटो खींचे जाने की समस्या खत्म हो जाएगी।

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