जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिकी बाजार के विकल्प की तलाश में पिछले एक साल में भारत की तरफ से जो प्रयास किए गए, उसका नतीजा अब दिखने लगा है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक इस साल फरवरी के पहले 14 दिनों में होने वाले वस्तु निर्यात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
हालांकि, फरवरी का पूरा निर्यात आंकड़ा आगामी 15 मार्च को जारी किया जाएगा। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-जनवरी में वस्तु निर्यात पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 2.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फरवरी के रुख को और मार्च में होने वाले निर्यात की संभावना को देखते हुए चालू वित्त वर्ष के वस्तु निर्यात में चार से पांच प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
निर्यातकों ने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर संयुक्त बयान जारी होने के बाद रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका की तरफ से लगाए गए 25 प्रतिशत के शुल्क को तत्काल रूप से खत्म कर दिया गया। इससे भी उन्हें अमेरिका निर्यात करने में अब आसानी हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका ने अब पारस्परिक शुल्क को सभी देशों के लिए 15 प्रतिशत कर दिया है। ऐसे में, जो भारतीय वस्तु फरवरी से पहले तक 50 प्रतिशत के शुल्क पर अमेरिका भेजी जा रही थी, उन पर अब मात्र 15 प्रतिशत का शुल्क लगेगा। निर्यातकों ने बताया कि यह भारत के हक में है और निश्चित रूप से मार्च के निर्यात में इसका असर दिखेगा।
अप्रैल से जनवरी के बीच अमेरिका को 72.46 अरब डॉलर का निर्यात किया
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल अगस्त के बाद 50 प्रतिशत के शुल्क के बावजूद अमेरिका को होने वाले वस्तुओं के कुल निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में गिरावट नहीं आई है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जनवरी में अमेरिका को 72.46 अरब डॉलर का निर्यात किया गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह निर्यात 68.46 अरब डॉलर का था।
चालू वित्त वर्ष में चीन होने वाले निर्यात में भी 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दिख रही है। चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में चीन में 15.88 अरब डॉलर का निर्यात किया गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह निर्यात 11.48 अरब का था। हालांकि चीन से हमारा आयात भी लगातार बढ़ रहा है और पहले 10 महीनों में ही भारत चीन से 108 अरब डॉलर का आयात कर चुका है।
ईयू-भारत ट्रेड डील दोनों पक्षों के लिए लाभकारी
ऑस्ट्रिया के विदेश मंत्री अलेक्जेंडर प्रोल ने कहा कि ऐतिहासिक यूरोपीय यूनियन-इंडिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) एक बदलाव लाने वाला दोनों पक्षों के हितों के लिए लाभकारी समझौता है, जो ट्रेड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मजबूत सप्लाई चेन में बहुत सारे मौके देता है।
प्रोल ने कहा, ‘हमारा सिद्धांत है कि एआई लोगों के लिए काम करे। एक मानव केंद्रित एआइ होना चाहिए। हम लोकतंत्र को बचाने और नवाचार को मुमकिन बनाने के लिए लोगों के आसपास मानव केंद्रित एआई बनाएं। मुझे लगता है कि इसी तरह हम एक-दूसरे से सीख सकते हैं।’