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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर कहा है कि इसके पीछे ‘ईरान ही हो सकता’ है. यह स्कूल ईरान के मिनाब में स्थित है.
पिछले शनिवार को ईरान के अधिकारियों ने कहा था कि इस हमले में 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई. हालांकि बीबीसी न्यूज़ इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
शनिवार रात एयर फ़ोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के एक ठिकाने के पास हुए इस हमले के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार है.
इस पर ट्रंप ने कहा, “नहीं, मेरी राय में और जो मैंने देखा है उसके आधार पर यह हमला ईरान ने किया.”
इस दौरान अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से भी सवाल किया गया. उन्होंने कहा, “हम इसकी जांच कर रहे हैं, लेकिन ईरान ही आमतौर पर नागरिकों को निशाना बनाता रहा है.”
इसके बाद ट्रंप ने दोहराते हुए कहा, “हमें लगता है कि यह हमला ईरान ने किया. आप जानते हैं कि उनके हथियार बहुत सटीक नहीं होते. उनमें बिल्कुल भी सटीकता नहीं है.”
पिछले हफ़्ते अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा था कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाएगा और अमेरिकी सेना के पास नागरिक ठिकानों पर हमला करने का कोई कारण नहीं है.
उसी समय अमेरिका और इसराइल ईरान के सैन्य ठिकानों और लीडर को निशाना बनाकर बड़े हमले कर रहे थे.
ईरानी अधिकारियों ने स्कूल पर हुए हमले के लिए अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं इसराइली सेना ने कहा है कि उसे उस इलाके़ में किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं है, लेकिन वह मामले की जांच कर रहा है.
बीबीसी वेरीफ़ाई की ओर से किए गए सैटेलाइट विश्लेषण में कई धमाकों के निशान और जले हुए हिस्से दिखाई दिए, जिससे संकेत मिलता है कि स्कूल पर एक से ज़्यादा बार हमला हुआ.
हालांकि इस्तेमाल किए गए हथियारों के अवशेषों की स्पष्ट तस्वीरें न होने के कारण यह तय करना मुश्किल है कि हमले के लिए कौन ज़िम्मेदार है.
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