डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले की एक सब-जेल में एक विचाराधीन कैदी की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टमार्टम में कैदी के शरीर पर चोट के 19 निशान मिलने के बाद एक जेल वार्डन को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने हिरासत में हिंसा के आरोपों और एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।
मृतक की पहचान 35 वर्षीय सबरी बर्मन के रूप में हुई है, जो कन्याकुमारी जिले के दक्षिण थामराईकुलम के पास ईथांगडु का रहने वाला एक दिव्यांग व्यक्ति था। 9 जुलाई को दक्षिण थामराईकुलम पुलिस ने उसे गुटखा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच के बाद उसे नागरकोइल सब-जेल में एक विचाराधीन कैदी के तौर पर रखा गया था।
सोमवार सुबह जेल के अंदर ही उसकी मौत हो गई, जिसके बाद उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए असारीपल्लम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया।
पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा
13 जुलाई को सबरी बर्मन के रिश्तेदार अस्पताल में इकट्ठा हुए और आरोप लगाया कि जेल के अंदर उसे पीट-पीटकर मार डाला गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, वे शव स्वीकार नहीं करेंगे। जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बर्मन के शरीर पर चोट के 19 निशान पाए गए हैं।
प्रारंभिक जांच के आधार पर, पुलिस ने इस मामले में ग्रेड 1 जेल वार्डन जगन को गिरफ्तार कर लिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया, “हम मामले की जांच कर रहे हैं। प्रथम दृष्टया यह मामला जेल के अंदर हुई किसी घटना से जुड़ा प्रतीत होता है।”
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मांगा गया जवाब
इस मामले ने राज्य में एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। मुख्य विपक्षी दल डीएमके सहित अन्य पार्टियों ने कथित कस्टोडियल डेथ को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने मांग की है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इस घटना का जवाब दें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का प्रभार संभालने वाले व्यक्ति को हिरासत में हुई इस मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने इस घटना में कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सबरी बर्मन की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को हर हाल में सजा मिलनी चाहिए। स्टालिन ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बर्मन और उनके परिवार को न्याय मिले।