पीटीआई, हैदराबाद। तेलंगाना में आवारा कुत्तों को जहर देकर हत्या करने की घटना फिर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि राज्य के मांचेरियल जिले में लगभग 100 कुत्तों को कथित रूप से जहर देकर मार डाला गया है। इस साल जनवरी और पिछले साल दिसंबर में तेलंगाना के विभिन्न जिलों से आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं।
पशु कल्याण कार्यकर्ता ए. गौतम ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि सात-आठ मार्च की दरमियानी रात किश्तपुर गांव में लगभग 100 आवारा कुत्तों को मार डाला गया।
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया में काम करने वाले शिकायतकर्ता गौतम ने आरोप लगाया कि किश्तपुर गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव ने दो व्यक्तियों की मदद से जहरीले इंजेक्शन देकर आवारा कुत्तों को मरवा दिया और कुत्तों को नदी के पास दफना दिया।
शिकायत के आधार पर जन्नाराम पुलिस स्टेशन में सरपंच और ग्राम पंचायत के खिलाफ बीएनएस और पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। राज्य में जहर से मरने वाले कुत्तों की संख्या 1,300 तक पहुंच गई है।
पशु कल्याण कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज की गई शिकायतों के आधार पर सरपंचों, ग्राम पंचायत सचिवों और अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
संदेह है कि कुत्तों की हत्याएं कुछ निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिसमें सरपंच भी शामिल हैं ने चुनाव में किए वादों को पूरा करने के लिए करवाई हैं। पिछले साल दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से वादा किया गया था कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान किया जाएगा।