मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर से इस्तीफा देने को कहा है। यह फैसला नासिक में कथित कैप्टन अशोक खरात से जुड़ा प्रकरण सामने आने के बाद लिया गया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
आयोग के सूत्रों के मुताबिक, वह 18 मार्च से दफ्तर नहीं आ रही हैं और महिला आयोग की टीम से उनका पूरी तरह संपर्क टूटा हुआ है। उनका सोशल मीडिया भी उनकी निजी टीम संभाल रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और दावा करता था कि वह लोगों की जिंदगी की समस्याएं हल कर सकता है। इसी बहाने वह महिलाओं को अपने ऑफिस बुलाता था। प्राथमिकी में आरोप है कि उसने इस भरोसे का गलत फायदा उठाया और कई महिलाओं का शोषण किया।
क्या वित्तीय गड़बड़ी भी सामने आई?
जांच एजेंसियों ने अब खरात की आर्थिक स्थिति की भी जांच शुरू की है। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसकी संपत्ति कई करोड़ रुपये की हो सकती है। उसके ‘शिवानिका ट्रस्ट’ पर भी नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। नासिक और शिरडी में उसकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।
क्या सियासी कनेक्शन भी जांच के दायरे में?
इस मामले में कुछ नेताओं के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। इससे पहले, विपक्ष ने आरोप लगाया कि उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को हटाने की मांग भी उठाई।
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क्या बोले विपक्षी नेता?
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने भी गुरुवार को इस मामले को लेकर भाजपा और महायुति सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया और अब उन्हें बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है।