डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले हफ्ते इटली में 24 वर्षीय युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान ट्विंकल रंधावा के रूप में हुई है, जो पंजाब का रहने वाला है। ट्विंकल की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
ईटली में ट्विंकल की मौक काफी रहस्यमयी तरीके से हुई है। परिवार इसकी जांच की मांग कर रहा है। साथ ही परिजनों ने भारत सरकार से गुजारिश की है कि ट्विंकल का शव इटली से भारत लाया जाए।
लोन लेकर भेजा था विदेश
ट्विंकल रंधावा अच्छे भविष्य की तलाश में चार महीने पहले इटली गया था। ट्विंकल के घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। ऐसे में बेटे का सपना पूरा करने के लिए माता-पिता ने लोन ले लिया। ट्विंकल 1 साल तक दुबई में रहा और फिर उसने इटली का रुख कर लिया।
कुछ दिन पहले ट्विंकल ने अचानक घर पर बात करना बंद दिया। ट्विंकल से संपर्क न होने पर परिजनों ने उसके साथ रहने वाले व्यक्ति को फोन किया, जो काफी समय से परिवार वालों को गुमराह कर रहा था।
4 महीने पहले गया था इटली
ट्विंकल के रिश्तेदार सर्बन सिंह के अनुसार, जब ट्विंकल के बारे में उसके दोस्त से पूछा गया, तो वो कभी कहता कि अभी वो सो रहा है, कभी कहता कि पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। ऐसे वो हर बार कुछ न कुछ अलग बहाना बताकर फोन काट देता था। ट्विंकल 4 महीने पहले इटली गया था। परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। उसके पिता कार ड्राइवर हैं, जो किसी तरह परिवार का खर्च उठा रहे हैं।
पिता ने सुनाई आपबीती
ट्विंकल के पिता जागीर सिंह पंजाब में ड्राइवर हैं। उन्होंने कहा कि 2 दिन पहले ट्विंकल से बात हुई थी, तो वो बिल्कुल ठीक था। जागीर सिंह ने कहा, “मेरे दो बेटे हैं। ट्विंकल हमारा छोटा बेटा था। वो 1 साल तक दुबई में रहा और 4 महीने पहले इटली चला गया था। 2 दिन पहले हमारी उससे बात हुई थी। हमने उसके दोस्त को फोन किया, तो हमसे लगातार झूठ बोल रहा था।”
ट्विंकल के पिता के अनुसार, “हमें नहीं पता वहां क्या हुआ। हम भारत सरकार से गुजारिश करते हैं कि हमारे बेटे का शव वापस लाया जाए, जिससे हम पंजाबी रीति रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कर सकें।”
मां का छलका दर्द
ट्विंकल की मौत के बाद उसकी मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ट्विंकल की मां बलजीत कौर का कहना है, “ट्विंकल सबसे छोटा था, इसलिए हम उससे सबसे ज्यादा प्यार करते थे। वो अक्सर मुझसे कहता था कि मां मैं एक बार यहां सैटेल हो जाऊंगा, तो तुमको भी अपने पास बुला लूंगा और 2 साल बाद मैं वापस आ जाऊंगा। मैं सरकार से गुजारिश करती हूं कि कैसे भी करके मेरे बेटे का शव स्वदेश ले आएं।”