डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित एक लग्जरी माल में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का फर्जी पहचान पत्र इस्तेमाल करने के आरोप में 24 वर्षीय रोहन पारेख को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपित ने पूछताछ में बताया है कि वह अपने परिवार को यह यकीन दिलाना चाहता था कि वह किसी महत्वपूर्ण और ‘नेक कार्य’ से जुड़ा हुआ है। हालांकि, पुलिस इस दावे से संतुष्ट नहीं है और अन्य संभावित मोर्चों पर भी गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना सात सितंबर को उस समय घटी, जब नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले आरोपित रोहन पारेख अपने साथी दिलीप कुंडे (49) और प्रथमेश बागुल के साथ माल में दाखिल हुआ था। सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस के दौरान उसने खुद को पीएमओ अधिकारी बताया था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसके साथ मौजूद दिलीप कुंडे के पास एक पिस्तौल थी।
पुलिस का मानना है कि रोहन पारेख ने इस डिजिटल पीएमओ आइडी को तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) टूल्स का इस्तेमाल किया था।
इसके अलावा, 2024 में पीएमओ में चयन होने से संबंधित एक ईमेल मिलने के उसके दावे की भी तकनीकी जांच की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने पारेख और कुंडे को हिरासत में ले लिया है, जबकि इस साजिश में शामिल तीसरे आरोपित प्रथमेश बागुल की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)