अमेरिकी सेना ने मंगलवार को ईरान में चाबहार और केशम द्वीप समेत कई अहम ठिकानों पर मिसाइलों से हमला किया। भारतीय समयानुसार रात करीब 9.30 बजे शुरू हुए हमलों में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर आईआरजीसी के हालिया हमलों के जवाब में की गई। इससे दोनों देशों के बीच संघर्ष फिर से भड़क गया है। ईरान के समाचार एजेंसियों के अनुसार, केशम द्वीप, बंदर अब्बास, चाबहार, जास्क और सिरिक में धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने इस हमले का जवाब दिया, तो उसे और भी अधिक कठोर परिणाम भुगतने होंगे। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि अमेरिका को अपने इन नए हमलों पर पछतावा होगा।
इस ताजा संघर्ष के बाद ब्रेंट क्रूड तेल के दामों में लगभग दो प्रतिशत की और तेजी आई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सऊदी अरब के दो सुपर टैंकरों पर भी अज्ञात मिसाइलों से हमले की खबर है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि यदि फारस की खाड़ी से ईरान को तेल निर्यात करने से रोका गया, तो कोई भी देश यहां से तेल निर्यात नहीं कर पाएगा।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने घोषणा की है कि अमेरिका इस सप्ताह और अगले सप्ताह ईरान के खिलाफ नए बैंकिंग प्रतिबंध और कड़े आर्थिक उपाय लागू करने जा रहा है, जिसका उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना है। कतर में स्थित अमेरिकी दूतावास ने मध्य पूर्व में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने को कहा है।