वैश्विक तनाव और दुनिया के कई देशों के बीच चल रहे युद्ध की स्थिति के बीच भारत और अरब लीग देशों ने कूटनीति और शांति का साझा रास्ता चुना है। शनिवार को भारत और अरब लीग के देशों आपसी रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक साझा और व्यापक सोच पेश की। दोनों पक्षों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अनुसार होने चाहिए और दुनिया में शांति व सुरक्षा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
नई दिल्ली में हुई भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान और मध्य पूर्व में स्थायी शांति पर जोर दिया गया। बैठक में फलस्तीन को संप्रभु राज्य का समर्थन, गाजा में युद्धविराम और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर साझा सहमति बनी, जिससे भारत-अरब रिश्तों को नई दिशा मिलती दिख रही है।
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बैठक में फलस्तीन समेत इन मुद्दों पर चर्चा
बैठक में कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें फलस्तीन का मुद्दा, बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करना, देशों की संप्रभुता का सम्मान, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे विषय शामिल थे। इस दौरान भारत और अरब देशों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे मध्य पूर्व में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति चाहते हैं। दोनों पक्षों ने 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र, संप्रभु और व्यवहारिक फलस्तीन राज्य के गठन का समर्थन किया, जो इस्राइल के साथ शांति से साथ-साथ रह सके। साथ ही, फलस्तीनी लोगों के अधिकारों का समर्थन भी दोहराया गया।
इतना ही नहीं भारत और अरब लीग के देशों की घोषणा में युद्धविराम को लेकर पिछले साल शर्म अल-शेख शांति शिखर सम्मेलन के नतीजों का स्वागत किया गया। इसमें मिस्र, कतर और अमेरिका की भूमिका की सराहना की गई। साथ ही, गाजा में राहत, पुनर्निर्माण और मानवीय सहायता को बिना किसी रुकावट के पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया गया।
आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों पक्षों की एकजुटता
बता दें कि यह बातचीत दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक में हुई, जिसकी मेजबानी भारत ने की। इस बैठक में अरब लीग के 19 सदस्य देशों ने हिस्सा लिया, जो इस संगठन की अहमियत को दिखाता है। बैठक के अंत में जारी घोषणा में कहा गया कि भारत और अरब लीग ने सीमा पार आतंकवाद की कड़ी निंदा की है और सभी देशों से मिलकर आतंकवाद से लड़ने, आतंकी ढांचे को खत्म करने और आतंक की फंडिंग रोकने की अपील की है। साथ ही, आतंकवादी हमलों के दोषियों को बिना देरी के सजा दिलाने की बात कही गई।
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पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
इसके साथ ही घोषणा में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का खास तौर पर जिक्र करते हुए कहा गया कि अरब लीग के देशों ने इस हमले की निंदा की है और आतंकवाद के खिलाफ भारत को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया है। बैठक में लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में समुद्री जहाजों पर हूती मिलिशिया के हमलों की निंदा की गई। इसके अलावा दोनों पक्षों ने कहा कि इन समुद्री रास्तों की सुरक्षा सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की जिम्मेदारी है। उन्होंने अदन की खाड़ी, अरब सागर और हिंद महासागर में स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी कोशिश के खिलाफ चेतावनी दी।
इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
गौरतलब है कि इस बैठक में भारत और अरब लीग देशों ने ऊर्जा, डिजिटल क्षेत्र, स्वास्थ्य और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। साथ ही, उन्होंने खुद को शांति, समानता और सतत विकास के लिए रचनात्मक शक्ति के रूप में काम करने और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
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