क्लिप में कहा जा रहा है कि, “आईसीसी प्रतिनिधियों की पहल के बाद इस मामले का जो आउटकम निकला है मैं उससे बेहद ख़ुश हूं. बीसीसीआई लगातार रिक्वेस्ट कर रहा था कि पाकिस्तान को भारत के ख़िलाफ़ मैच खेलने के लिए तैयार किया जाए और बीसीसीआई की इसी रिक्वेस्ट पर आईसीसी ने ये पहल की थी. ये अच्छा समाधान है जिसमें क्रिकेट की अहमियत को प्राथमिकता दी गई है.”
उन्होंने शोएब मलिक, एआरवाई न्यूज़ और इसके सीईओ सलमान इक़बाल को टैग करते हुए लिखा, “मेरे नाम से सर्कुलेट किया जा रहा वीडियो फ़ेक है और एआई के ज़रिए ऑडियो जेनरेट किया गया है. इस तरह के मिसलीडिंग कंटेट को सर्कुलेट करना बंद करिए”
उन्होंने अपना ओरिजिनल वीडियो भी इस पोस्ट में शेयर किया जिसमें वो कहते सुनाई पड़ रहे हैं, “आईसीसी प्रतिनिधि की पहल पर शुरू हुई बातचीत, जिसे आईसीसी चेयरमैन की निगरानी में और लाहौर जाकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड से बात करने वाले प्रतिनिधियों ने आगे बढ़ाया, उसके नतीजे देखकर मुझे बेहद खुशी हो रही है. यह एक अच्छा समाधान है. इसके लिए आईसीसी को पूरा श्रेय जाता है. मैं आईसीसी को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने यह पहल की और पाकिस्तान को बातचीत की मेज पर लाए.”
पाकिस्तान में कैसी चर्चा
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ़ मैच के बायकॉट को वापस लेने के पाकिस्तान के फ़ैसले का कई पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने स्वागत किया था.
पूर्व क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी ने एक्स पर पोस्ट किया, “क्रिकेट की भावना की जीत हुई है. भागीदारी का रास्ता चुनकर पाकिस्तान की सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप की गरिमा की रक्षा की है. क्रिकेट जीतता है, यानी यह सबसे बड़े मतभेदों को पाटने में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा.”
वहीं पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ़ ने एक्स पर लिखा, “आईसीसी का पाकिस्तान जाकर दोनों देशों, पाकिस्तान और बांग्लादेश की उठाई गई चिंताओं को समझना और स्वीकार करना, सच्चे नेतृत्व को दर्शाता है. सीधे संवाद और बातचीत के ज़रिए उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप की प्रक्रिया में भरोसा मज़बूत किया है और निष्पक्षता की भावना को कायम रखा है. इसी तरह से क्रिकेट फलता-फूलता है.”
वहीं राशिद लतीफ़, अहमद शहज़ाद और सिकंदर बख़्त जैसे क्रिकेटरों और पूर्व क्रिकेटरों ने इस फ़ैसले को ‘पाकिस्तान की जीत’ बताया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिवन्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.