डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक कुल 31,12,850 परिवारों को लाभ मिल चुका है। फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य मार्च 2027 तक एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाना है।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक बुधवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इस योजना के शुरू होने के बाद से छह मार्च, 2026 तक कुल 31,12,850 परिवारों को रूफटाप सोलर(आरटीएस) सिस्टम लगवाने का लाभ मिला है।
मंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली एक मांग-आधारित योजना है, जिसमें देश के सभी आवासीय उपभोक्ता, जिनके पास स्थानीय वितरण कंपनी से ग्रिड-कनेक्टेड बिजली कनेक्शन है, एक राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन करके आरटीएस सिस्टम की स्थापना के लाभों का लाभ उठा सकते हैं।
विज्ञापन संहिता का पालन अनिवार्य
निजी टीवी चैनलों को विज्ञापन संहिता का पालन करना अनिवार्य निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले सभी विज्ञापनों को विज्ञापन संहिता का पालन करना अनिवार्य है और किसी भी विज्ञापन में ऐसे संदर्भ नहीं होने चाहिए जिनसे जनता को यह लगे कि उत्पाद में कोई चमत्कारी गुण या विशेषता है।
सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि मौजूदा नियामक ढांचे के अनुसार, निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले सभी विज्ञापनों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और उसके अंतर्गत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित विज्ञापन संहिता का पालन करना अनिवार्य है।
भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक 2026 को मंजूरी मिलने की पूरी संभावना
केंद्रीय मंत्रिमंडल भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 को मंजूरी दे सकता है, जिसमें भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आइएसआइ) को एक निगमित निकाय के रूप में शामिल करने और इसके प्रभावी संचालन के लिए एक ढांचा प्रदान करने का प्रविधान है।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 के मसौदे का उद्देश्य आईएसआई की स्वायत्तता और जवाबदेही को बढ़ाना है। मंत्रालय की मंजूरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामला निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विचाराधीन है।
वरिष्ठ स्तरों पर एससी, एसटी के कम प्रतिनिधित्व पर कोई आंकड़ा नहीं सरकार में संयुक्त सचिव स्तर और उससे ऊपर के पदों पर अनुसूचित जाति(एससी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) के असमान रूप से कम प्रतिनिधित्व से संबंधित कोई आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखित उत्तर में कहा कि सरकारी नीति के अनुसार, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को ग्रुप ए के सबसे निचले स्तर तक पदोन्नति में क्रमश: 15 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है।
पेंशन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली
पिछले साल पेंशन संबंधी एक लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं पिछले वर्ष केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली प्लेटफार्म के माध्यम से पेंशन संबंधी एक लाख से अधिक शिकायतें आनलाइन प्राप्त हुईं। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखित उत्तर में बताया कि इस पोर्टल पर वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान प्राप्त पेंशन शिकायतों की कुल संख्या क्रमश: 78,675, 1,12,215 और 1,07,731 है, जबकि पिछले वर्ष से लंबित शिकायतों सहित क्रमश: 72,902, 1,07,701 और 1,13,272 शिकायतों का निवारण किया गया है।
सिविल सेवाओं की एआइ में क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि एआइ में सिविल सेवाओं की क्षमता निर्माण और इस क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों को कौशल और ज्ञान से सशक्त बनाने को उच्च प्राथमिकता दी गई है।
एकीकृत सरकारी प्रशिक्षण
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और संगठनों तथा 30 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के 15 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों वाले एकीकृत सरकारी प्रशिक्षण (आईजीओटी) कर्मयोगी प्लेटफार्म पर एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों पर 105 पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनका उद्देश्य अधिकारियों को आवश्यक डिजिटल ज्ञान और कौशल से लैस करना है।
भारत ने रिएक्टरों के लिए 18,842 मीट्रिक टन से अधिक यूरेनियम आयात कियाभारत ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के सुरक्षा उपायों के तहत 2008-2009 और 2024-2025 के बीच अपने रिएक्टरों के लिए विभिन्न रूपों में 18,842.60 मीट्रिक टन यूरेनियम आयात किया।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लिखित जवाब में कहा कि आयातित यूरेनियम का उपयोग करके देश की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता 2009-2010 में 3,704 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2024-2025 में 39,180 मिलियन यूनिट हो गई है। उन्होंने बताया कि जनवरी तक भारत ने 2025-2026 के लिए 33,815 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया था।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)