जागरण संवाददाता,जयपुर। राजस्थान के कोटा जिले में सात साल पहले एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में एक ही परिवार के 10 सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
मामले की सुनवाई करते हुए कोटा जिला अनुसूचित जाति व जनजाति न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार गोयल ने नौ दोषियों पर 20-20 हजार व एक पर 30 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है।
3 फरवरी 2019 की रात मुख्य आरोपित मेघराज ने अन्य आरोपितों के साथ मिलकर पुलिसकर्मी अभिमन्यु की गोली मारकर हत्या की थी।
जानकारी के अनुसार, हत्याकांड के कुछ दिन पहले मुख्य आरोपित बालापुरा लिफ्ट सिंचाई परियोजना चुनाव जीतकर अध्यक्ष बना था। ऐसे में विजय जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने एक बाइक सवार आदमी को पीछे से टक्कर मार दी थी। जिस पर विवाद हुआ था।
विवाद के बाद पुलिसकर्मी अभिमन्यु मौके पर पहुंचा था। मेघराज ने इस दौरान अभिमन्यु से अभद्र व्यवहार किया था। इस पर अभिमन्यु ने मेघराज के गाल पर चांटा मार दिया था। इस बात से नाराज मेघराज अन्य आरोपितों के साथ पुलिसकर्मी के घर पहुंचा और उसकी हत्या कर दी।