जागरण संवाददाता, कोलकाता। भारतीय रेल के महत्वपूर्ण जोन पूर्व रेलवे को नया महाप्रबंधक मिला है। 1990 बैच की भारतीय रेल लेखा सेवा (आईआरएएस) की वरिष्ठ अधिकारी गीतिका पांडेय ने शनिवार एक अगस्त को पूर्व रेलवे की नई महाप्रबंधक (जीएम) के रूप में पदभार ग्रहण किया, जिसका मुख्यालय कोलकाता में ही है।
इससे पहले वह रेलवे बोर्ड में अतिरिक्त सदस्य (योजना) के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने मिलिंद देऊस्कर की जगह ली है, जो भारतीय रेलवे में 39 वर्षों की शानदार सेवा के बाद पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक पद से 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो गए।
इधर, गीतिका पांडेय के पूर्व रेलवे की कमान संभालने पर रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। पूर्व रेलवे द्वारा एक बयान में बताया गया कि अंग्रेजी साहित्य में एमए तथा स्वर्ण पदक विजेता गीतिका पांडेय को भारतीय रेलवे में तीन दशक से अधिक के अपने लंबे कार्यकाल के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करने का अनुभव है।
इसमें डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर कारपोरेशन आफ इंडिया में अतिरिक्त महाप्रबंधक (वित्त), सेंट्रल आर्गेनाइजेशन फार रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में प्रधान वित्तीय सलाहकार, उत्तर पश्चिम रेलवे में उप महाप्रबंधक (सामान्य), जोधपुर मंडल की मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तथा उत्तर पश्चिम रेलवे में प्रधान वित्तीय सलाहकार सहित जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग मानक, सिंगापुर, मलेशिया तथा राष्ट्रीय भारतीय रेल अकादमी, वडोदरा में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी पूरे किए हैं। जोधपुर मंडल की डीआरएम के रूप में कोविड महामारी के दौरान उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए, जब उनके नेतृत्व में मंडल को माल ढुलाई से 177.16 करोड़ रुपये की आय अर्जित हुई थी, जो निर्धारित लक्ष्य का 161 प्रतिशत थी।
रेल विद्युतीकरण और वित्तीय प्रबंधन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सेंट्रल आर्गेनाइजेशन फार रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन में प्रधान वित्तीय सलाहकार रहते हुए उन्होंने 3,106.91 रूट किलोमीटर में फैली 16 रेल विद्युतीकरण परियोजनाओं को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उत्तर पश्चिम रेलवे में प्रधान वित्तीय सलाहकार के रूप में उन्होंने उच्च मूल्य की पूंजीगत परियोजनाओं, जटिल लेखा परीक्षण मामलों तथा प्रणालीगत सुधारों में योगदान दिया।
रेलवे बोर्ड में अतिरिक्त सदस्य (योजना) रहते हुए उन्होंने भारतीय रेल की वित्तीय रणनीति, बजट निर्माण, वित्तीय पूर्वानुमान तथा नीतिगत निर्णयों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रेल प्रशासन के साथ-साथ गीतिका पांडेय सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। वह सोसायटी फार इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट एक्टिविटीज रिसर्च एंड ट्रेनिंग की मानद सदस्य हैं तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण और चुनौतियों से उबरने जैसे विषयों पर प्रेरक व्याख्यान भी देती रही हैं।