डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना तब तक नहीं है जब तक कच्चे तेल की कीमतें 130 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से अधिक न हो जाएं। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि की संभावना नहीं है क्योंकि भारत के पास पर्याप्त भंडार है।
एक सूत्र ने कहा, ‘हमें कच्चे तेल की कीमतों के लगभग 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है। देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी नहीं है।’ उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अलावा अन्य मार्गों से कच्चे तेल की खरीद में तेजी लाई गई है।

इसके अलावा, भारत के पास विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने कहा कि भारत एटीएफ का उत्पादक और निर्यातक है, इसलिए एटीएफ को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सूत्रों ने कहा कि भारत अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
एलपीजी गैस की बुकिंग 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए एलपीजी गैस की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। सूत्रों ने बताया कि ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां पहले एलपीजी सिलेंडर 55 दिनों में बुक होते थे, अब 15 दिनों में बुक हो रहे हैं।

सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है और साथ ही वाणिज्यिक कनेक्शनों की तुलना में घरेलू एलपीजी को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी।
भारत एलपीजी के लिए और साझेदारों की तलाश कर रहा है। उन्होंने बताया कि अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नार्वे जैसे देशों ने भारत को एलपीजी बेचने के लिए संपर्क किया है।
(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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