जागरण संवाददाता, जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने सरकारी अग्निशमन कर्मी और लाइब्रेरियन की भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्रियां बांटने वाले एक निजी विश्वविद्यालय के निदेशक को गिरफ्तार किया है। एसओजी ने चेन्नई स्थित भारत समाज विश्वविद्यालय के निदेशक एसएजी मोएसन को गिरफ्तार किया है। उन्हें जयपुर लाया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय बिना सरकारी मान्यता और पंजीयन के ही संचालित हो रहा था। विश्वविद्यालय में एक सौ से अधिक व्यावसायिक कोर्स करवाए जा रहे थे।
फर्जी विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों को 12वीं कक्षा पास की अंक तालिका और आधार कार्ड लेकर अग्निशमन तकनीकी प्रमाण पत्र दे दिया। इसके बदले 20 हजार से एक लाख रुपये तक प्रत्येक अभ्यर्थी से वसूले गए।
एसओजी के महानिरीक्षक परिस देशमुख ने बताया कि भारतीय नौसेना में अग्निशमन तकनीकी कर्मचारी की भर्ती परीक्षा-2025 में शामिल अभ्यर्थियों को पिछली तारीख में विश्वविद्यालय द्वारा प्रमाण पत्र दिए जाने की सूचना मिली थी। इस पर एसओजी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया कि चेन्नई के निजी भारत सेवक समाज विश्वविद्यालय ने राजस्थान के तुगला स्थित एक संस्थान से गठबंधन करके बिना वैध प्रशिक्षण के पिछली तारीख में प्रमाण पत्र जारी किए थे।
अब तक की जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय ने राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में दस हजार से अधिक निजी कालेजों को फर्जी तरह से मान्यता दे दी। इनमें करौली का संस्थान भी शामिल है।
कॉलेजों से भी मान्यता देने के बदले पैसे लिए गए थे। फर्जीवाड़े की सूचना पर विश्वविद्यालय से मान्यता लेने वाले दौसा के एक निजी कालेज के संचालक को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया और जांच आगे बढ़ाई गई।