पीटीआई, नई दिल्ली। भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों पर हमलों से सख्ती से निपटने का आग्रह किया और इन घटनाओं को बाहरी कारणों से जोड़ने के प्रयासों को चिंताजनक बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और व्यवसायों पर हमलों का एक सिलसिला देख रहे हैं। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तेजी से और सख्ती से निपटने की जरूरत है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में जायसवाल ने न्यूयार्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा दिल्ली दंगे के आरोपित उमर खालिद के नाम पत्र लिखने पर असहमति जताई और कहा कि जन प्रतिनिधियों को अन्य लोकतांत्रिक देशों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता का सम्मान करना चाहिए। भारतीय मूल के ममदानी ने पिछले महीने अमेरिका में उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात के दौरान उसके नाम एक हस्तलिखित पत्र सौंपा था।
आइएएनएस के अनुसार, दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर जायसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है। सरकार वेनेजुएला और पड़ोसी कोलंबिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है।
ईरान की स्थिति के बारे में जायसवाल ने कहा कि वहां की घटनाओं पर भारत बारीकी से नजर रख रहा है। एएनआइ के अनुसार, ताइवान के आसपास चीन के हालिया सैन्य अभ्यासों के मद्देनजर जायसवाल ने सभी पक्षों से संयम बरतने और विवादों को शांतिपूर्ण तरीकों से हल करने का आग्रह किया।
रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रविधान करने वाले अमेरिकी विधेयक के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि हम प्रस्तावित बिल से अवगत हैं। हम 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न स्त्रोतों से सस्ती ऊर्जा प्राप्त करने का प्रयास करते रहेंगे।
रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जार्ज ने शुक्रवार को आयरलैंड के न्याय, गृह मामलों और प्रवासन विभाग में राज्यमंत्री कोल्म ब्रोफी से मुलाकात की। उन्होंने व्यापार एवं अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।