महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने सोमवार को अपील की कि यह चुनाव निर्विरोध कराया जाए और अन्य उम्मीदवार अपने नामांकन न भरें। दरअसल, यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जनवरी में विमान हादसे में मौत के बाद हो रहा है। उनकी पत्नी और मौजूदा डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार आज नामांकन दाखिल करने जा रही हैं। इस मौके पर कई वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहेंगे।
नामांकन से पहले सुनेत्रा पवार ने कन्हेरी स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और अजित पवार के स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि भी दी। उनके साथ उनके बेटे जय और पार्थ पवार भी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने आकाश मोरे को बनाया उम्मीदवार
रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर लिखा ‘हम चाहते हैं कि बारामती का चुनाव निर्विरोध हो। मैं सभी इच्छुक उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे नामांकन दाखिल न करें।’ उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव हुआ, तो जनता इसे अजित पवार की लड़ाई मानकर सुनेत्रा पवार को रिकॉर्ड मतों से जिताएगी।
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हालांकि, इस बीच कांग्रेस ने चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। पार्टी ने अपने राज्य सचिव आकाश मोरे को उम्मीदवार घोषित कर दिया है। आकाश मोरे, पूर्व एमएलसी विजय मोरे के बेटे हैं और धनगर समुदाय से आते हैं। कांग्रेस ने साफ किया है कि वह निर्विरोध चुनाव के पक्ष में नहीं है। पार्टी के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि यदि अजित पवार के विमान हादसे में एफआईआर दर्ज होती है, तो पार्टी अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकती है।
अजित पवार का गढ़ रही है बारामती सीट
वहीं, अन्य नेताओं की ओर से भी संभावित उम्मीदवारों को चुनाव न लड़ने के लिए मनाने की कोशिशें जारी हैं। एनसीपी नेता दत्तात्रेय भरणे ने ओबीसी नेता लक्ष्मण हाके से मुलाकात कर उन्हें चुनाव से दूर रहने की अपील की। गौरतलब है कि बारामती सीट लंबे समय से अजित पवार का गढ़ रही है, जहां उन्होंने कई बार रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की। ऐसे में इस बार का उपचुनाव भावनात्मक और राजनीतिक दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
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