डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चेन्नई से सिंगापुर जाने वाली इंडिगो (IndiGo) की एक फ्लाइट में मंगलवार को 200 से ज्यादा यात्रियों को करीब पांच घंटे तक विमान के अंदर ही बैठकर इंतजार करना पड़ा। यह समय इस रूट की उड़ान अवधि से भी ज्यादा थी। देरी और असुविधा को लेकर यात्रियों में नाराजगी देखी गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
इंडिगो की फ्लाइट 6E1025 को सुबह 7.30 बजे चेन्नई से सिंगापुर के लिए उड़ान भरनी थी। बोर्डिंग सुबह करीब 6.30 बजे शुरू हुई और यात्री अपनी सीटों पर बैठ गए। लेकिन तय समय पर विमान उड़ान नहीं भर सका और दोपहर करीब 12 बजे तक यात्री केबिन में ही बैठे रहे। इसके बाद फ्लाइट रवाना हुई।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में यात्री एयरलाइन स्टाफ से बहन करते नजर आए। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि केबिन का एयर कंडीशनर बार-बार बंद हो रहा था, जिससे घुटन जैसी स्थिति बन रही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ यात्रियों ने कहा कि उन्हें देरी की सही वजह के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। एक यात्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि एयरलाइन की ओर से उचित संवाद नहीं किया गया।
यात्रियों का कहना था कि लंबे इंतजार के दौरान खासकर बच्चे, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को काफी परेशानी हुई। कुछ लोगों ने यह दावा किया कि असुविधा के कारण जब उन्होंने विमान से उतरने की अनुमति मांगी, तो उन्हें काफी देर तक बाहर जाने नहीं दिया गया। वीडियो में यह भी सुना गया कि जब कुछ यात्रियों ने देरी पर सवाल उठाए, तो एयरलाइन स्टाफ ने CISF कर्मियों को बुलाने की चेतावनी दी।
देरी की वजह क्या बताई गई?
रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में जो पायलट विमान में आए थे, वे ड्यूटी घंटों की सीमा पूरी होने के कारण बीच में चले गए। बताया गया कि करीब 11 बजे नए पायलट पहुंचे, जिसके बाद फ्लाइट को रवाना होने की अनुमति मिली और विमान करीब 12 बजे उड़ान भर सका।
इस घटना पर इंडिगो ने बयान जारी किया। एयरलाइन ने कहा कि 24 फरवरी 2026 को चेन्नई से सिंगापुर जाने वाली फ्लाइट 6E1025 को मामूली तकनीकी खराबी के कारण वापस बे पर लाया गया था।
IndiGo ने क्या कहा?
एयरलाइन के अनुसार, जरूरी जांच और मरम्मत के दौरान कॉकपिट क्रू की ड्यूटी समय सीमा पूरी हो गई, जिसके कारण क्रू बदलना पड़ा और देरी और बढ़ गई। इंडिगो ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है और सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।