• Mon. Mar 30th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

‘बैंक लॉकर में रखे सामान को कोई नहीं देख सकता’, वित्त मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

Byadmin

Mar 30, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि कोई भी बैंक लॉकर में रखे सामान को नहीं देख सकता। यही नहीं, बैंक इसका रिकार्ड भी नहीं रखता कि लॉकर में क्या रखा गया है? यही वजह है कि लॉकर में रखे सामान का अलग-अलग बीमा नहीं होता।

लोकसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद नामदेव किरसन के एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ग्राहकों द्वारा लॉकर में रखी गई वस्तुओं को देखने या रिकार्ड करने का बैंकों को अधिकार नहीं है। ऐसा करने से बैंकिंग नियमों का उल्लंघन होगा।

लॉकर में रखी वस्तुओं का अलग बीमा संभव नहीं

उन्होंने लॉकर में रखी वस्तुओं के आधार पर अलग-अलग बीमा कवरेज देने की संभावना को भी खारिज कर दिया। वित्त मंत्री ने कहा, किसी ग्राहक द्वारा लॉकर में रखी जाने वाली वस्तुओं को सार्वजनिक होते देखना बैंकिंगनियमों का उल्लंघन है। बैंक ऐसा नहीं करते।

इस प्रतिबंध के कारण लॉकर में रखी गई वस्तुओं के वास्तविक मूल्य के आधार पर बीमा कवरेज प्रदान करना संभव नहीं है। बैंकों द्वारा लॉकर में रखी गई वस्तुओं की निगरानी करने का कोई भी प्रयास निजता और नियमों का उल्लंघन होगा। फिलहाल इस व्यवस्था में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

मुआवजे का यह है फार्मूला

सीतारमण ने कहा कि चोरी या बैंक लॉकर को किसी भी नुकसान की स्थिति में मुआवजा सालाना किराये का 100 गुना तय किया गया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि बैंक लॉकर की सामग्री का निरीक्षण या मूल्यांकन नहीं कर सकते, जिससे वास्तविक मूल्य के आधार पर बीमा प्रदान करना अव्यावहारिक हो जाता है।

प्रत्येक लॉकर के लिए अलग-अलग भुगतान करना संभव नहीं है। इसलिए यह तय किया गया है कि नुकसान होने पर, चाहे वह लॉकर टूटने से हुआ नुकसान हो या इसी तरह का कोई अन्य नुकसान, किराये का 100 गुना मुआवजा दिया जाएगा। इस मामले में एक समान नियम लागू किया गया है।

By admin