पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनाव से पहले एक नया विवाद सामने आया है। सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भवानीपुर विधानसभा सीट के रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) को हटाने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि यह अधिकारी भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के काफी करीबी हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। टीएमसी ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल को एक शिकायत पत्र देकर कहा कि भवानीपुर सीट के लिए नियुक्त किए गए रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति है। पार्टी का कहना है कि इस अधिकारी का शुभेंदु अधिकारी के साथ पहले से ही करीबी संबंध रहा है। खासतौर पर जब यह अधिकारी नंदीग्राम-2 में ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर थे, तब दोनों के बीच नजदीकी सार्वजनिक तौर पर भी देखने को मिली थी।
यह भी पढ़ें – Kerala Assembly Election: ‘यूडीएफ गठबंधन ही नई उम्मीद’, केरल में राहुल गांधी बोले- यहां बदलाव की जरूरत
चुनाव की निष्पक्षता हो सकती है प्रभावित- TMC
टीएमसी ने यह भी कहा कि इस तरह के संबंध होने से चुनाव प्रक्रिया पर पक्षपात का खतरा बढ़ जाता है और चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। पार्टी के मुताबिक, रिटर्निंग ऑफिसर का काम बेहद महत्वपूर्ण होता है, जैसे नामांकन की जांच करना, मतदान प्रक्रिया की निगरानी करना और नतीजों की घोषणा करना, इसलिए उसका पूरी तरह निष्पक्ष होना जरूरी है। इसके अलावा टीएमसी ने अधिकारी की वर्तमान पोस्टिंग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वह अभी भूमि अभिलेख विभाग में अतिरिक्त निदेशक हैं, जो आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों का पद होता है। ऐसे में उनकी नियुक्ति को संदिग्ध और पक्षपातपूर्ण बताया जा रहा है।
तृणमूल ने आचार संहिता का भी किया जिक्र
टीएमसी ने संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व कानून का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करे। साथ ही, पार्टी ने आचार संहिता का भी जिक्र किया, जिसमें प्रशासनिक निष्पक्षता जरूरी बताई गई है।
यह भी पढ़ें – असम का रण: सीएम हिमंत का दावा- गौरव गोगोई का पाकिस्तान से है कनेक्शन, राहुल-प्रियंका को लेकर कही ये बात
पार्टी ने यह भी बताया कि 24 मार्च को की गई शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से तीन वैकल्पिक अधिकारियों के नाम मांगे थे, जो राज्य सरकार ने दे भी दिए हैं। लेकिन अभी तक रिटर्निंग ऑफिसर को हटाने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। टीएमसी ने इस पूरे मामले को संवैधानिक रूप से गलत और चुनाव के लिए खतरनाक बताया है और चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
अन्य वीडियो