डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि दुनिया एक बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और स्वायत्त प्रणालियां युद्ध के तरीकों को पूरी तरह बदल देंगी।
रायसीना डायलॉग के 11वें संस्करण में ‘द टेक ट्रायड’ सत्र के दौरान सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने भविष्य की सैन्य चुनौतियों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। जनरल चौहान ने जोर दिया कि युद्ध जीतने के लिए समय पर और सही निर्णय लेना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, ”’जब तक आपके पास स्वचालित प्रणालियां नहीं होंगी, समय पर निर्णय लेना कठिन होगा। एआइ और स्वायत्त प्रणालियां हमें इसमें मदद करती हैं।”’
सीडीएस ने बताया कि एआइ के संचालन के लिए भारी ऊर्जा की आवश्यकता होगी। उन्होंने परमाणु ऊर्जा और एआइ को एक-दूसरे का पूरक बताया। पहले सैन्य शक्ति टैंकों, विमानों और युद्धपोतों पर निर्भर थी, लेकिन अब डाटा, नेटवर्क और इंटेलिजेंस भी उतने ही जरूरी हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि भारत अभी एआइ के क्षेत्र में शुरुआती कदम उठा रहा है और इसकी सैन्य उपयोगिता की रूपरेखा तैयार की जानी बाकी है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)