डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका ने पिछले साल वेनेजुएला से तेल खरीदने पर भारत पर टैरिफ लगाया था। अब वहीं अमेरिका फिर एक बार भारत को वेनेजुएला का तेल बेचने की बात कह रहा है, क्योंकि यूनाइटेड स्टेट्स, भारत को रूस से तेल खरीदने का विकल्प देना चाहता है।
रॉयटर्स को सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, अमेरिका ने भारत से कहा है कि वह रूसी तेल के इंपोर्ट को बदलने में मदद कर सकता है। इसके लिए भारत वेनेजुएला के साथ तेल की खरीद को फिर शुरू कर सकता है।
रूस से तेल खरीदना कम कर रहा भारत
सामाचार एजेंसी रॉयटर्स को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद, भारत ने रूस के कच्चे तेल की खरीद में कटौती करने का वादा किया था।
अमेरिका हाल ही में कई बार दावा कर चुका है कि भारत आने वाले महीनों में अपने रूसी तेल इंपोर्ट को हर दिन कई लाख बैरल कम करने की राह पर है।
रॉयटर्स को बताया गया, भारत ने जनवरी में रूस से लगभग 1.2 मिलियन बैरल प्रति दिन तेल खरीदा और अनुमान है कि फरवरी में यह घटकर लगभग 1 मिलियन बैरल प्रति दिन और मार्च में 800,000 बैरल प्रति दिन हो जाएगा।
रूस से होने वाला तेल का ये इंपोर्ट घटकर लगभग 500,000-600,000 बैरल प्रति दिन तक भी आ सकता है। ऐसा करने से भारत को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करने में मदद मिलेगी।
वेनेजुएला से तेल लेगा भारत?
रूस से खरीद कम करने के चलते अमेरिका, तेल की आपूर्ति के लिए वेनेजुएला के साथ व्यापार को मंजूरी दे रहा है। इसके पीछे की वजह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप वेनेजुएला के तेल पर अपना अधिकार समझ रहे हैं।