डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जोहो कंपनी के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू का तलाक भारत का सबसे महंगा तलाक माना जा रहा है। कैलिफोर्निया में चल रहे तलाक के मामले में अदालत ने श्रीधर वेम्बू को 1.7 अरब डॉलर के बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है।
श्रीधर वेम्बू और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बीच इस तलाक का मुख्य कारण कस्टडी और जोहो में हिस्सेदारी को लेकर है। इस तलाक में विवाद की वजह कैलिफोर्निया में रहने के दौरान दंपति द्वारा जमा की गई वैवाहिक संपत्ति का बंटवारा है।
2019 में भारत वापस आ गए वेम्बू
आईआईटी-मद्रास से ग्रेजुएशन होने के बाद, वेम्बू 1989 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी करने के लिए अमेरिका गए थे। अमेरिका जाने के चार साल बाद 1993 में उन्होंने एंटरप्रेन्योर प्रमिला श्रीनिवासन से शादी कर ली।
साल 1996 में श्रीधर वेम्बू ने अपने साथियों के साथ मिलकर एडवेंटनेट नामक एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी शुरू की और 2009 में इसका नाम बदलकर जोहो कॉर्पोरेशन कर दिया।
श्रीधर वेम्बू और प्रमिला श्रीनिवासन कैलिफोर्निया में करीब तीन दशक रहे। इस दंपति का एक 26 साल का बेटा भी है। 2019 में वेम्बू भारत वापस आ गए और तमिलनाडु के अपने पैतृक गांव मथलमपराई से जोहो का काम यहीं से देखने लगे।
पत्नी ने लगाए आरोप
फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेम्बू ने अगस्त 2021 में तलाक के लिए याचिका दायर की। प्रमिला श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि वेम्बू ने कंपनी के अधिकांश शेयर अपनी बहन राधा वेम्बू और भाई शेखर को दे दिए हैं।
राधा के पास वर्तमान में कंपनी में करीब 47.8% हिस्सेदारी है, जबकि वेम्बू टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शेखर के पास 35.2% हिस्सेदारी है। वेम्बू के पास स्वयं केवल 5% हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत 225 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। श्रीधर वेम्बू ने पत्नी के लगाए सभी आरोपों को खारिज कर दिया और एक मनगढ़ंत कहानी करार दिया।
जमा करने होंगे 14 हजार करोड़ के बॉन्ड
जनवरी 2025 में कैलिफोर्निया की सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में न्यायालय ने वेम्बू को 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है। भारतीय करेंसी में ये अमाउंट 14,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। अदालत ने कहा कि वैवाहिक संपत्ति पर श्रीनिवासन के अधिकारों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए यह आवश्यक था।