पीटीआई, इंफाल। मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में अप्रैल में एक घर पर हुए आइईडी हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपित प्रतिबंधित संगठन ‘यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी’ (यूकेएनए) का ‘वित्त प्रमुख’ था। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि वह गोलीबारी की पांच अन्य घटनाओं में भी शामिल था।
एनआइए ने बुधवार को एस. पलाल थाडोउ को गिरफ्तार किया था। मोइरांग कस्बे के त्रोंगलाओबी अवांग लीकाई इलाके में सात अप्रैल को हुए आइईडी हमले के मामले में यह पहली गिरफ्तारी है।
इस विस्फोट में दो नाबालिगों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। आरोपित को इंफाल की विशेष एनआइए अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
थाडोउ को इससे पहले भी अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। उसे पहले चूड़चंदपुर और बिष्णुपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मणिपुर पुलिस ने बयान में कहा कि आरोपित ने जांच के दौरान स्वीकारा कि वह प्रतिबंधित संगठन यूकेएनए का ‘वित्त प्रमुख’ था।
पुलिस ने बताया कि थाडोउ पिछले साल 16 दिसंबर को त्रोंगलाओबी में हुए बम विस्फोट और इस साल तीन, चार फरवरी की दरमियानी रात मोलनोम में हुई गोलीबारी की घटना में भी शामिल पाया गया। वह मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के चूड़चंदपुर दौरे से एक दिन पहले चार जुलाई को कापरांग इलाके में हुई गोलीबारी के साथ-साथ इस साल चार जुलाई और 26 मार्च को हुई गोलीबारी की अन्य घटनाओं में भी शामिल था।
एनआईए के बयान में कहा गया कि सात अप्रैल के आइईडी हमले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद एनआइए ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धाराओं के तहत 23 अप्रैल को मामला फिर से दर्ज किया था। इससे पहले मोइरांग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।