• Fri. Mar 6th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

महाराष्ट्र में मतांतरण से पहले देना होगा 60 दिन का नोटिस, कैबिनेट ने दी मंजूरी

Byadmin

Mar 6, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र कैबिनेट ने गुरुवार को मतांतरण पर रोक लगाने वाले विधेयक ‘महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026’ के मसौदे को स्वीकृति दे दी। इसमें मतांतरण से पहले किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही मतांतरण के इच्छुक व्यक्ति को 60 दिनों का नोटिस देना होगा।

महाराष्ट्र के मंत्री नीतेश राणे ने बताया कि इस विधेयक को विधानसभा के वर्तमान बजट सत्र में ही प्रस्तुत किया जाएगा।एक अधिकारी ने बताया कि मतांतरण को 25 दिनों के अंदर सक्षम प्राधिकारी के पास पंजीकृत कराना होगा, नहीं तो इसे रद माना जाएगा।

विधेयक के मुताबिक, अगर मतांतरण के इच्छुक व्यक्ति का रक्त संबंधी इसके गैरकानूनी होने की शिकायत करता है, तो पुलिस एफआइआर दर्ज करेगी और जांच करेगी।

विधेयक में कहा गया है कि धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार में जबरदस्ती, धोखाधड़ी या लालच देकर मतांतरण का अधिकार शामिल नहीं है, बल्कि इसमें गैरकानूनी मतांतरण से सुरक्षा का अधिकार शामिल है। इस विधेयक का मकसद एक स्पष्ट कानूनी ढांचा बनाना है जो धार्मिक स्वतंत्रता को बनाए रखे और इसके गलत इस्तेमाल को रोके।

राणे ने बताया, विधेयक के तहत अगर कोई व्यक्ति जबरदस्ती, धोखाधड़ी या लालच देकर मतांतरण कराता है, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती अपराध दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में आरोपित की गिरफ्तारी का भी प्रविधान है और जमानत आसानी से नहीं मिलेगी। राणे ने दावा किया कि प्रस्तावित कानून मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में लागू मतांतरण विरोधी कानूनों से अधिक सख्त और असरदार होगा।

सूत्रों के अनुसार, बार-बार अपराध करने वालों को पहली बार अपराध करने वालों के मुकाबले ज्यादा सख्त सजा मिलेगी और गृह विभाग को सजा की उचित अवधि तय करने का काम सौंपा गया है।

सूत्रों ने बताया, ”महाराष्ट्र में बिना अनुमति मतांतरण की घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें कमजोर लोगों पर शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक दबाव डाला जाता है, जिसमें दैवीय कोप के खतरे, लाभ का वादा या शादी के जरिये शोषण शामिल है। ऐसे चलन लोगों की गरिमा एवं स्वतंत्रता को प्रभावित करते हैं और संविधान के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं।”

लिहाजा निर्वाचित प्रतिनिधियों, संगठनों और नागरिकों की तरफ से धोखाधड़ी या जबरन मतांतरण रोकने के लिए कानून बनाने की मांग के बाद सरकार ने यह विधेयक लाने का फैसला किया।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

By admin