डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने UAE दौरे के दौरान वहां के शीर्ष नेतृत्व को भारत की संस्कृति, हस्तकला और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े खास उपहार भेंट किए। इन उपहारों में जीआई टैग वाले कृषि उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र और हस्तनिर्मित कलाकृतियां शामिल थीं। इन उपहारों के जरिए भारत की समृद्ध विरासत और भारत-यूएई संबंधों की सांस्कृतिक मजबूती को प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई की क्वीन मदर को मणिपुर का चाक-हाओ राइस, मध्य प्रदेश का महेश्वरी सिल्क कपड़ा और करीमनगर फिलिग्री बॉक्स भेंट किया। वहीं यूएई के क्राउन प्रिंस को मिथिला मखाना और कोफ्तगिरी कला से सजी विशेष कटार दी गई। इसके अलावा यूएई के राष्ट्रपति को मेघालय के अनानास, गुजरात के केसर आम और रोगन पेंटिंग उपहार स्वरूप दी गई।
इसके साथ ही भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों को भी अंतिम रूप दिया।
चाक-हाओ राइस (मणिपुर का ब्लैक राइस)
प्रधानमंत्री मोदी ने क्वीन मदर को मणिपुर का प्रसिद्ध चाक-हाओ राइस भेंट किया, जिसे ब्लैक राइस भी कहा जाता है।
खासियतें:
- मणिपुर की घाटियों में उगाई जाने वाली खास सुगंधित चावल की किस्म
- कभी शाही परिवारों और विशेष अवसरों के लिए इस्तेमाल होता था
- गहरे बैंगनी रंग और अनोखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध
- फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
- दिल की सेहत और शरीर की सूजन कम करने में मददगार
महेश्वरी सिल्क (मध्य प्रदेश)
प्रधानमंत्री ने मध्य प्रदेश के महेश्वर की प्रसिद्ध महेश्वरी सिल्क साड़ी और कपड़ा भी उपहार में दिया।
खासियतें:
- रेशम और सूती धागों के मिश्रण से तैयार
- हल्का, चमकदार और बेहद आरामदायक कपड़ा
- रानी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत
- दोनों तरफ से पहना जा सकने वाला विशेष बॉर्डर डिजाइन
- भारत की पारंपरिक हथकरघा कला का प्रतीक
करीमनगर फिलिग्री बॉक्स
यह विशेष चांदी की कलाकृति तेलंगाना के करीमनगर की प्रसिद्ध नक़्क़ाशी धातुकला का उदाहरण है।
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खासियतें:
- चांदी की शीट पर हाथ से बारीक डिजाइन उकेरी जाती है
- बॉक्स पर हाथी और शाही जुलूस की आकृति बनाई गई
- भारतीय शाही परंपरा और सम्मान का प्रतीक
- बेहद महीन और दुर्लभ हस्तकला
मिथिला मखाना (बिहार)
यूएई के क्राउन प्रिंस को प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार का प्रसिद्ध मिथिला मखाना भेंट किया।
खासियतें:
- जीआई टैग प्राप्त कृषि उत्पाद
- तालाबों और जलाशयों में उगाया जाता है
- प्रोटीन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
- स्नैक्स, पूजा और पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल
- स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी
कोफ्तगिरी कला वाली कटार
प्रधानमंत्री ने राजस्थान की कोफ्तगिरी कला से सजी पारंपरिक कटार भी उपहार में दी।
खासियतें:
- स्टील पर सोने-चांदी की महीन नक्काशी की जाती है
- उदयपुर के पारंपरिक कारीगरों की विशेष कला
- राजपूत शाही परंपरा से जुड़ी विरासत
- साहस, सम्मान और शौर्य का प्रतीक
मेघालय के अनानास
यूएई के राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के प्रसिद्ध जीआई टैग वाले अनानास भेंट किए।
खासियतें:
- बेहद मीठे और कम खट्टे स्वाद के लिए मशहूर
- विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
- पाचन में मदद करने वाला ब्रोमेलिन एंजाइम मौजूद
- दुनिया के बेहतरीन अनानासों में गिने जाते हैं
गुजरात के केसर आम
प्रधानमंत्री ने गुजरात के प्रसिद्ध केसर आम भी उपहार में दिए।
खासियतें:
- ‘आमों की रानी’ के नाम से प्रसिद्ध
- गहरे केसरिया रंग और मीठे स्वाद के लिए मशहूर
- बिना रेशों वाला गूदा
- गुजरात की मेहमाननवाजी और कृषि विरासत का प्रतीक
रोगन पेंटिंग (कच्छ, गुजरात)
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को गुजरात की दुर्लभ रोगन पेंटिंग भी भेंट की।
खासियतें:
- कच्छ क्षेत्र की पारंपरिक कपड़ा कला
- कपड़े पर हाथ से उभरी हुई रंगीन डिजाइन बनाई जाती है
- ‘ट्री ऑफ लाइफ’ डिजाइन एकता और निरंतरता का प्रतीक
- बेहद कम कारीगर आज भी इस कला को जीवित रखे हुए हैं
प्रधानमंत्री मोदी के इन उपहारों को भारत की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कला और कृषि विरासत का प्रतीक माना जा रहा है। साथ ही यह भारत और यूएई के मजबूत होते रिश्तों को भी दर्शाता है।