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बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 1995 के एक मामले में पटना पुलिस ने शुक्रवार देर रात उनके घर से गिरफ़्तार किया है.
पप्पू यादव को गिरफ़्तार करने के लिए पटना पुलिस शुक्रवार की रात उनके मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची थी.
पटना के एसपी सिटी भानु प्रताप सिंह ने बताया, “1995 का एक मामला है, बीएनएस के स्थान पर जो पहले आईपीसी थी, उसकी धारा 419 (ग़लत पहचान बताकर धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति सौंपने के लिए प्रेरित करना), 468 (धोखा देने के मक़सद से फ़र्ज़ी दस्तावेज बनाना), 448 (किसी के घर में अवैध रूप से प्रवेश), 506 (आपराधिक धमकी) और 120बी (आपराधिक साजिश), के तहत गिरफ़्तारी सुनिश्चित की जा रही है.”
“यह गर्दनीबाग थाने का मामला है. इसमें न्यायालय द्वारा ट्रायल केस चल रहा था, जिसमें सांसद को उपस्थित होना था लेकिन वे तय तारीख़ पर उपस्थित नहीं हुए थे. इस कारण उनकी गिरफ़्तारी की जा रही है.”
पहले पप्पू यादव ने रात का हवाला देते हुए पुलिस के साथ जाने से इनकार किया. हालांकि, देर रात उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया.
वहीं पप्पू यादव ने कहा, “…कुछ ठीक नहीं कि मेरे साथ क्या होगा, मेरी तबियत ठीक नहीं है.”
पटना की विशेष अदालत ने कुछ दिन पहले करीब 31 साल पुराने एक मामले में पप्पू यादव सहित तीन अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कुर्की का आदेश दिया था.
पटना के गर्दनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायतकर्ता का नाम विनोद बिहारी लाल है, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके मकान को धोखे से किराए पर लिया गया.
मकान मालिक को बाद में जानकारी हुई थी कि उनके मकान का इस्तेमाल पप्पू यादव का ऑफ़िस चलाने के लिए किया जा रहा है. आरोप है कि मकान को किराए पर लेते वक़्त इस बात को छिपाया गया था.