इमेज कैप्शन, यूक्रेन युद्ध के दौरान जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव की अहम भूमिका रही है. उन्होंने 2022 में मारियुपोल की घेराबंदी के दौरान यूक्रेन के साथ बातचीत में हिस्सा लिया था.
रूस की सेना के एक हाई-प्रोफ़ाइल जनरल को मॉस्को में कई गोलियां मारी गई हैं और वह घायल हो गए हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को शहर के उत्तर-पश्चिमी बाहरी इलाके में एक रिहायशी इमारत में हुए हमले के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया.
उनकी हालत के बारे में फ़िलहाल जानकारी नहीं है.
अलेक्सेयेव रूस के सैन्य जनरल स्टाफ़ के मुख्य निदेशालय (जीआरयू) में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं.
यूक्रेन पर रूस के हमले की शुरुआत के लगभग चार साल बाद से अब तक राजधानी मॉस्को में इससे पहले भी कई आला सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया जा चुका है.
ब्रिटेन के सैलिसबरी में 2018 में हुए नर्व एजेंट हमले के पीछे जीआरयू का हाथ होने के आरोपों के बाद अलेक्सेयेव पर यूरोपीय संघ ने प्रतिबंध लगाए थे.
मामले की जांच समिति की प्रवक्ता स्वेतलाना पेट्रेंको ने कहा, “पीड़ित को शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है.” समिति ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है.
यूक्रेन युद्ध के दौरान अलेक्सेयेव की अहम भूमिका रही है. उन्होंने 2022 में मारियुपोल की घेराबंदी के दौरान यूक्रेन के साथ बातचीत में हिस्सा लिया था.
उन्हें वैगनर भाड़े के सैनिक समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन से बातचीत के लिए भी भेजा गया था, जिन्होंने जून 2023 में पुतिन के ख़िलाफ़ विद्रोह किया था, जिसे जल्द ही दबा दिया गया था.
हमले के ज़िम्मेदार लोगों के बारे में जानकारी नहीं
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इमेज कैप्शन, जनरल व्लादिमीर अलेक्सेयेव को वैगनर भाड़े के सैनिक समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन (तस्वीर में) से बातचीत के लिए भी भेजा गया था (फ़ाइल फ़ोटो)
फिलहाल यह साफ नहीं है कि शुक्रवार सुबह मॉस्को के वोलोकोलाम्स्कोए हाईवे पर एक रिहायशी इमारत में हुई गोलीबारी के पीछे कौन था.
यूक्रेन पहले भी रूस के सैन्य अधिकारियों पर हुए कुछ हमलों की ज़िम्मेदारी ले चुका है.
रूसी खुफिया अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पिछले महीने के अंत में सेंट पीटर्सबर्ग में एक रूसी सैनिक पर होने वाले हमले को नाकाम कर दिया था.
2024 में ही मॉस्को में एक अन्य जनरल इगोर किरिलोव की हत्या कर दी गई थी.
इस मामले में पिछले महीने एक उज्बेक नागरिक को जेल भेजा गया था. यूक्रेन की खुफिया एजेंसी एसबीयू ने कहा था कि यह हमला उसी ने कराया था.
लेफ्टिनेंट जनरल किरिलोव रूस की परमाणु, जैविक और रासायनिक सुरक्षा इकाइयों के प्रभारी थे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिवन्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.