जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में युद्ध से उत्पन्न संकट का एकजुट होकर सामना करने पर सहमति बनाने के लिए सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में इस संकट से निपटने के लिए एकजुट प्रयास की अपील भी की।
सर्वदलीय बैठक को इसी दिशा में देखा जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इसकी अध्यक्षता कर सकते हैं और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं।
आज शाम बजे बुलाई है बैठक
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, बुधवार शाम पांच बजे बुलाई गई बैठक में सत्ताधारी भाजपा व उसके राजग सहयोगी दलों के साथ-साथ कांग्रेस और उसके सहयोगी विपक्षी दलों के प्रमुख नेता शामिल होंगे। हालांकि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी कह चुके हैं कि वह इस बैठक में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
बैठक में युद्ध से उत्पन्न संकट के विभिन्न आयामों और उससे निपटने के उपायों पर चर्चा होगी। सरकार की ओर से विपक्ष के सुझावों को शामिल करते हुए एकजुट प्रयास की रूपरेखा बनाने की कोशिश की जाएगी।
ध्यान देने की बात है कि कोरोना महामारी के दौरान भी सरकार की ओर से इसी तरह एकजुटता बनाने की कोशिश की गई थी और इसी तरह सर्वदलीय बैठक करके सभी दलों को साथ लेने की कोशिश की थी।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री खुद मुख्यमंत्रियों के साथ लगातार बैठक कर महामारी से निपटने के सामूहिक प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। नए संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री ने कोरोना संकट की तरह राज्यों से सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
राज्यों को संदेश, देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है यह संकट
पीएम मोदी ने राज्यसभा में कहा कि आने वाले समय में यह संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है और इस परीक्षा में सफलता के लिए राज्यों का सहयोग बहुत आवश्यक है। उपद्रवियों तत्वों को संकट का फायदा उठाने के प्रति चेतावनी देते हुए उन्होंने जमाखोरी-कालाबाजारी करने वालों पर त्वरित कार्रवाई और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति को प्राथमिकता में रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कोरोना काल में राज्यों के सहयोग को माडल बताते हुए उसी प्रकार टीम इंडिया के रूप में काम करने की आवश्यकता बताई।
पश्चिम एशिया का संकट अपने आप में अनोखा- पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया का संकट अपने आप में अनोखा है और इसके समाधान भी उसी के अनुरूप एक विशिष्ट तरीके से तैयार किए जा रहे हैं। देश को हर चुनौती का सामना धैर्य, संयम और शांत मन से करना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे आने वाली हर चुनौती के लिए तैयार रहें।