इमेज कैप्शन, सलमान ख़ान और अजय देवगन समेत बॉलीवुड के कई अभिनेता राजपाल यादव की मदद को आगे आए हैं.
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चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद अभिनेता राजपाल यादव की मदद में बॉलीवुड की प्रमुख हस्तियां भी सामने आई हैं. नया नाम जुड़ा है सलमान ख़ान और अजय देवगन का.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात करते हुए राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने दावा किया कि इंडस्ट्री के तमाम बड़े एक्टर्स राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आ रहे हैं.
गोल्डी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के सहयोगी पत्रकार रवि जैन को बताया, “सलमान ख़ान, अजय देवगन, वरुण धवन, सोनू सूद जैसे कई बड़े सितारों ने आर्थिक संकट में फ़ंसे राजपाल यादव की मदद करने का आश्वासन दिया है. उनकी इस हालत को लेकर इंडस्ट्री में उनके साथियों में काफ़ी चिंता है”.
गोल्डी ने कहा कि सिर्फ़ यही नाम नहीं हैं जो राजपाल यादव की मदद करने के लिए आगे आए हैं, बल्कि इसके अलावा भी फ़िल्म इंडस्ट्री के कई बड़े लोगों ने साथ देने का वादा किया है.
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गोल्डी ने रवि जैन को बताया, “मैं सभी सितारों का नाम यहां नहीं ले सकता हूं.”
उन्होंने कहा कि जेल में बंद राजपाल यादव की ज़मानत को लेकर गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई होनी है.
गोल्डी ने कहा, “हमें पूरी उम्मीद है कि उन्हें इस मामले में ज़मानत मिल जाएगी.”
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी की ओर पत्रकार इक़बाल परवेज़ ने मदद करने वाले अभिनेताओं की टीम से संपर्क करने की कोशिश की. सलमान ख़ान की पीआर एजेंसी स्पाइस ने इस ख़बर की पुष्टि की है.
नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की पीआर ने भी फोन पर मैसेज कर बताया कि वो राजपाल यादव की मदद करने के लिए आगे आए हैं.
ये मामला साल 2010 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के दौरान 5 करोड़ रुपये उधार लेने और बकाया के रूप में 9 करोड़ रुपये नहीं लौटा पाने का है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें आत्मसर्पण के लिए चार फ़रवरी तक का वक़्त दिया था. पांच फ़रवरी को राजपाल तिहाड़ जेल पहुंचे.
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि जेल में सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ‘भावुक’ हो गए थे. और फिर ये ‘ख़बर’ वायरल हो गई.
किन लोगों ने किया मदद का वादा
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने राजपाल यादव को एक ‘प्रतिभाशाली अभिनेता’ बताया ‘जिन्होंने फ़िल्म इंडस्ट्री को सालों तक यादगार काम दिया है.’
मंगलवार को उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में राजपाल यादव को एक फ़िल्म बनाने के लिए साइनिंग अमाउंट देने की जानकारी दी थी और बॉलीवुड इंडस्ट्री से उनके साथ एकजुटता दिखाने की अपील की थी.
उन्होंने लिखा, “भविष्य के काम में एडजस्ट होने वाली एक छोटी साइनिंग अमाउंट कोई दान नहीं है, यह सम्मान है. जब हम में से कोई मुश्किल दौर से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री को यह याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है. यही तरीका है यह दिखाने का कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं हैं.”
उधर तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने का एलान किया और इसकी जानकारी एक्स पर दी.
एक्टर गुरमीत चौधरी ने भी मदद का एलान किया और एक्स पर लिखा, “मैं सभी निर्माताओं, निर्देशकों और हमारी फिल्म बिरादरी के सदस्यों से विनम्र अपील करता हूं कि आइए, इंसानियत और संवेदना के साथ एक साथ आएं और कोई समाधान निकालें. हमारी इंडस्ट्री एक परिवार है. और परिवार अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ता.”
एक्टर गुरमीत चौधरी ने फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को आगे आने की अपील करते हुए एक्स पर लिखा, “राजपाल यादव जी जैसे सीनियर और बेहद प्रतिभाशाली कलाकार को इस तरह के दर्दनाक दौर से गुजरते देखना दिल तोड़ देता है. उन्होंने हमें अनगिनत मुस्कानें, हंसी और यादगार पल दिए हैं. आज उन्हें हमारी जरूरत है.”
एक म्युज़िक कंपनी चलाने वाले राव इंद्रजीत ने भी 1.11 करोड़ रुपये देने का एलान किया है. उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश पोस्ट करते हुए इसकी जानकारी दी है.
क्या है पूरा मामला
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इमेज कैप्शन, राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा
कोर्ट की कार्यवाही से पता चलता है कि राजपाल यादव के ख़िलाफ़ यह मामला फ़िल्म ‘अता-पता-लापता’ से जुड़ा है. साल 2010 में मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने इस फ़िल्म के लिए क़रीब पांच करोड़ रुपये दिए थे.
कोर्ट में कार्यवाही के मुताबिक़, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और कथित तौर पर अभिनेता को आर्थिक नुकसान हुआ. वह कंपनी को ये पैसा वापस नहीं कर पाए.
लाइव लॉ के मुताबिक़ कोर्ट ने कहा, ”अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि याचिकाकर्ता नंबर 1 (राजपाल यादव) का आचरण निंदनीय है. बार-बार आश्वासन देने और अदालत से रियायत मांगने के बावजूद उन्होंने समय-समय पर पारित आदेशों का पालन नहीं किया.”
कर्ज़ के भुगतान के लिए कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके कारण उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया. इसके बाद 2018 में दिल्ली की निचली अदालत ने राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई थी.
बाद में मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा, जहां सज़ा पर रोक लगाई गई थी.
कोर्ट ने कहा था कि वह शिकायतकर्ता कंपनी को बकाया राशि का भुगतान करेंगे, ”अभिनेता ने कई बार भुगतान का आश्वासन दिया, लेकिन तय समय सीमा के भीतर राशि जमा नहीं कर पाए.”
कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि बार-बार दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन किया गया है. इसी आधार पर हाई कोर्ट ने आत्मसमर्पण का आदेश दिया था. राजपाल यादव के ऊपर चेक बाउंस का केस किया गया था.
ये सज़ा निगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के उल्लंघन के आरोप में दी गई लेकिन जनवरी 2019 में सत्र न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था.
दिल्ली हाई कोर्ट ने 2024 में सज़ा पर रोक इस आश्वासन पर लगाया था कि कर्ज़ की रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया.
राजपाल यादव ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में अदालत के सामने राशि चुकाने का आश्वासन दिया, लेकिन वह इसमें विफल रहे.
इसके बाद कोर्ट ने 4 फ़रवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया.
इससे पहले भी वर्ष 2013 में झूठा हलफ़नामा दायर करने के एक मामले में राजपाल यादव को 3 दिसंबर से 6 दिसंबर तक तिहाड़ जेल भेजा गया था.
राजपाल यादव का क्या कहना है?
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इमेज कैप्शन, राजपाल यादव का कहना है कि जो राशि फ़िल्म बनाने के लिए दी गई वो ‘कंपनी की ओर से निवेश’ था.
निचली अदालत से सज़ा मिलने के बाद 28 अप्रैल 2018 को राजपाल यादव ने शाहजहांपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है.
दो साल पहले राजपाल यादव ने इंडिया टुडे ग्रुप के एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था उन्होंने ‘कोई फ़्रॉड नहीं किया’ है.
उन्होंने कहा, “फ़िल्म ‘अता पता लापता’ बनाने के लिए उन्होंने (कंपनी ने) पांच करोड़ रुपये दिए थे…ये किस्म का निवेश था…मैं अता पता लापता का कभी डायरेक्टर नहीं था…”
इसी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में बॉलीवुड अभिनेता नवाज़ुददीन सिद्दीक़ी ने राजपाल यादव के बारे में बताया था.
नवाज़ुद्दीन ने कहा था, “जब राजपाल का काम चल रहा था बहुत से लोग उनके घर पर खाना खाते थे और कभी उन्होंने कभी उफ़्फ़ तक नहीं किया…हमेशा दिया. जब हम स्ट्रगल कर रहे थे और बहुत सारे एक्टर स्ट्रगल कर रहे थे तो राजपाल का घर एक लंगर की तरह था, कोई भी आकर खा सकता था… बहुत ही कमाल के इंसान हैं वो.”
इसी इंटरव्यू में उन्होंने राजपाल यादव को ‘बॉलीवुड में सबसे पढ़े लिखे अभिनेताओं में से एक’ बताया था.
राजपाल यादव उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर ज़िले के पुवायां के रहने वाले हैं.
उन्होंने लखनऊ स्थित भारतेंदु नाट्य अकादमी और दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) से अभिनय की पढ़ाई की है. ‘भूलभुलैया’, ‘फिर हेराफेरी’, ‘चुप चुप के’, ‘हंगामा’, जैसी फ़िल्मों में उन्होंने यादगार कॉमेडी भूमिकाएं निभाईं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.