जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने दवाओं की कीमतों में असमानता का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इसे लेकर सख्त कानून और एक समान मूल्य प्रणाली लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जब दवाओं के साल्ट एक समान है, तो फिर अलग-अलग कंपनियों की इन दवाओं की कीमतों में भारी अंतर क्यों है।
उन्होंने बताया कि यह अंतर दवाओं में 50 रुपए से पांच सौ रुपए तक है। जो गरीबों के साथ भारी लूट है। भाजपा सांसद ने राज्यसभा में जब यह मुद्दा उठाया, उस समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी सदन में मौजूद थे।
वहीं उनकी उनकी मांग की राज्यसभा के 30 से अधिक सदस्यों ने समर्थन किया। बाजपेयी ने कहा कि अभी पीएम जनऔषधि केंद्र में जिस साल्ट की दवा दस रुपए में मिलती है, उसी साल्ट की दवा को निजी कंपनियों 50 रुपए में बेंच रही है।
इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है, वह डाक्टरों को भी दिए दे कि वह दवाओं को लिखने के दौरान ब्रांड नाम की जगह साल्ट का नाम लिखे।