डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जो कुछ भी आवश्यक होगा करेगा। यह कड़ा बयान उन हालिया रिपोर्ट्स के बाद आया है, जिनमें कहा गया है कि पाकिस्तान ने भारत से सटी सीमा पर चीन निर्मित SH-15 सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपों की बड़ी खेप तैनात की है।
विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में सवालों का जवाब देते हुए मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख नहीं बदला है और देश अपनी रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह देखा गया था कि किस तरह पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया था।
भारत की ओर से रुख बिल्कुल स्पष्ट है कि सीमा पार आतंकवाद हर हाल में रुकना चाहिए। जायसवाल ने जोर देकर कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हित में जो भी जरूरी होगा वह करेगा और इसके लिए भारतीय सेना हमेशा पूरी सतर्कता के साथ तैनात है।
पाकिस्तान ने भारत की सीमा पर की चीनी आर्टिलरी की तैनाती
विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया उन खबरों के ठीक एक दिन बाद आई है जिनमें बताया गया था कि पाकिस्तान ने अपने तोपखाने के आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत भारत की ओर लगभग 250 चीन-निर्मित SH-15 पहिएदार सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तैनात किए हैं। पाकिस्तान ने साल 2019 में चीनी सरकारी रक्षा कंपनी नोरिन्को को 236 SH-15 155mm/52-कैलिबर तोपों का ऑर्डर दिया था।
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इन तोपों की डिलीवरी 2022 में शुरू हुई और 2023 में इसका दूसरा जत्था भी पाकिस्तान पहुंच गया। इसके अलावा, पाकिस्तान ने हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला में इस आर्टिलरी सिस्टम के निर्माण के लिए तकनीक हस्तांतरण का समझौता भी किया है।
चीन में PCL-181 के नाम से जानी जाने वाली इन SH-15 तोपों को मुख्य रूप से गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टां सेक्टरों में तैनात किया गया है, जो विशेषकर शकरगढ़ बल्ज के आसपास के इलाके हैं। इन तोपों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया गया था।
155mm का यह आर्टिलरी सिस्टम कई तरह के गोले दागने में सक्षम है और रॉकेट-असिस्टेड प्रोजेक्टाइल का उपयोग करने पर इसकी मारक क्षमता 50 किलोमीटर से भी अधिक हो जाती है।
पूर्व महानिदेशक (आर्टिलरी) रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल पी.आर. शंकर के अनुसार, यह खरीद पाकिस्तान की पारंपरिक मारक क्षमता को मजबूत करती है और उसके आर्मी रॉकेट फोर्स की लंबी दूरी के हमलों की क्षमता को काफी बढ़ाती है।
PoK चुनाव पूरी तरह से ड्रामा
प्रेस वार्ता के दौरान रणधीर जायसवाल ने गुलाम जम्मू-कश्मीर में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने इन चुनावों को पूरी तरह से दिखावा करार दिया और पाकिस्तान पर जनता की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि PoK में हो रहे ये तथाकथित स्थानीय चुनाव एक प्रहसन हैं, जबकि असली हकीकत वहां हो रहे सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन और पाकिस्तानी बलों द्वारा की जा रही हत्याएं हैं। उनका कहना था कि ऐसे खोखले चुनाव जमीनी वास्तविकता पर पर्दा नहीं डाल सकते।
जायसवाल ने आगे बताया कि जून से अब तक PoK में जारी दमनकारी कार्रवाई में कम से कम 90 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। पाकिस्तानी सत्ता ने जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, ब्लैकआउट, धमकियों और दमन से दिया है।
अब वह एक खोखले चुनावी अभ्यास के जरिए अपनी वैधता गढ़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस्लामाबाद को उसके इन कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराने की सख्त अपील की।
आतंकी ढांचे को नष्ट करे पाकिस्तान
मीडिया द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के उस वायरल वीडियो के बारे में पूछे जाने पर, जिसमें आतंकी गुट ने दावा किया था कि उनके 30 से 40 कमांडर मारे गए हैं और इसके पीछे कथित तौर पर भारतीय एजेंसियों का हाथ है, जायसवाल ने भारत का रुख स्पष्ट किया।
उन्होंने कहा कि भारत लगातार सभी देशों से आह्वान करता है कि वे सीमा पार आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। उन्होंने पाकिस्तान से भी यह मांग की कि वह सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करे और अपनी धरती से संचालित हो रहे आतंकी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करे।