रोते-गिड़गिड़ाते रह गए व्यापारी…:अरमानों पर लगी सील, 40,000 लोगों की रोजी-रोटी नौ घंटे में छिन गई; तस्वीरें – Meerut Central Market Housing And Development Council Sealed 44 Establishments In Central Market In Meerut
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के इतिहास में बुधवार का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। महज 9 घंटे के भीतर प्रशासन ने 40 साल से बसे सपनों और लगभग 40 हजार लोगों की आजीविका पर सरकारी सील लगा दी। इस दौरान दुकानदार, स्कूल व अस्पताल संचालक अधिकारियों से गुहार लगाते रहे। रोते गिड़गिड़ाते रहे लेकिन अधिकारियों ने किसी की नहीं सुनी। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग का अभियान शाम 6 बजे तक चला।
व्यापारियों ने मंगलवार रात 2 बजे तक बैठक कर सीलिंग रोकने की रणनीति बनाई थी। बुधवार सुबह 5 बजे से ही अलग-अलग पॉइंट्स पर व्यापारियों की तैनाती की गई थी लेकिन प्रशासन की तैयारी उनसे कहीं बड़ी थी। पुलिस ने सुबह ही बैरिकेडिंग कर दी और चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात कर दी।
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.सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान मायूस व्यापारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह 8 बजे आवास विकास के अधिकारियों के दौरे के बाद 9 बजे एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज पर पहली सील लगाकर अभियान शुरू हुआ। सात टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। रंगोली मंडप और सुधा हॉस्पिटल पर सील लगते ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया।
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.सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान मायूस व्यापारी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुद्वारा रोड पर सेंडफॉर्ड अस्पताल, अमेरिकन किड्स स्कूल को सील कर दिया गया। टीम जब डॉ. अशोक गर्ग के क्लीनिक पर पहुंची तो उन्होंने उपकरण निकालने के लिए समय मांगा। इधर दूसरी टीम ने 694/2 वर्धमान अस्पताल, 251/1 बॉक्सी पार्क रेस्टोरेंट और 686/2 स्थित वेयरहाउस पर सीलिंग की कार्रवाई की।
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.सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान रोती-बिलखती महिला
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुमित नर्सिंग होम के सामने स्थित 7/2 कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स (30+ दुकानें) को सील होते देख लोग बिलख उठे। वहीं सतेश ढाका का कॉम्पलेक्स भी सील किया गया इसमें नशा मुक्ति केंद्र और दर्जनभर दुकानें थीं।
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सेंट्रल मार्केट में सीलिंग प्रक्रिया के दौरान विरोध करते व्यापारियों की पुलिस झड़ुप
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दुहाई देते रहे व्यापारी, किया खूब तर्क-वितर्क
तमाम दुकानदार जिन्होंने दुकानें पीछे कर शटर भी लगा लिए थे उन्होंने भी खूब तर्क-वितर्क किए। व्यापारियों के परिवार की कई महिलाओं के आंसू तो थम नहीं रहे थे। कई छोटे दुकानदार हाथ जोड़े परिवार की रोजी-रोटी की दुहाई देते रहे लेकिन टीम ने एक नहीं सुनी।