डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि लाल किले के पास 2025 में हुए विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका उजागर करने वाली संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट में सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं को ध्यान में रखा गया है।
साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र की उस रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, जिसमें लाल किला विस्फोट मामले में जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका को उजागर किया गया है। इस रिपोर्ट में आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के संबंध में भारत के सुझावों पर भी ध्यान दिया गया है।
बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनावों के पक्षधर- जायसवाल
बांग्लादेश चुनाव के संबंध में जायसवाल ने कहा कि हमें पर्यवेक्षक भेजने का निमंत्रण मिला था। लेकिन, हस्तक्षेप की किसी भी धारणा से बचने के लिए हमने अपने आधिकारिक पर्यवेक्षक नहीं भेजे।
मतदान केंद्रों से दूर रहकर भारत ने सुनिश्चित किया कि चुनाव की विश्वसनीयता का निर्णय बांग्लादेशी जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा किया जाए। हम बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनावों के पक्षधर हैं। हम जनादेश का इंतजार करेंगे और उसके बाद सामने आने वाले मुद्दों पर विचार करेंगे।
भारत पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर- जायसवाल
आइएएनएस के अनुसार, जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति स्थिरता और संवाद को बढ़ावा देने के प्रयासों का समर्थन करता है। हमें अमेरिका की ओर से बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। हम फिलहाल इस प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।
जायसवाल ने बताया कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे और नई दिल्ली में आयोजित होने वाले दूसरे एआइ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)