• Wed. Apr 1st, 2026

24×7 Live News

Apdin News

लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे शादीशुदा लोगों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के दो अलग-अलग फ़ैसले कैसे?

Byadmin

Apr 1, 2026


महिला-पुरुष

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, बीते साल दिसंबर में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ही लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे 12 कपल को सुरक्षा देने का आदेश दिया था (फ़ाइल फ़ोटो)

    • Author, उमंग पोद्दार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

पिछले कुछ दिनों में इलाहाबाद हाई कोर्ट के दो आदेश काफ़ी चर्चा में रहे हैं. एक में हाई कोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप कोई अपराध नहीं है. साथ ही पुलिस ने दोनों लोगों को सुरक्षा देने को कहा.

लिव-इन रिलेशनशिप यानी वो संबंध जिसमें दो लोग बिना विवाह किए साथ में रहते हैं. इस मामले में लिव-इन में रह रहे लड़के की किसी और लड़की से शादी हो रखी थी.

दूसरे फ़ैसले में, हाई कोर्ट ने कहा कि बिना तलाक़ लिए लड़का-लड़की लिव-इन रिलेशनशिप में नहीं रह सकते.

ये कहते हुए कोर्ट ने उन्हें सुरक्षा देने से मना कर दिया. इस मामले में लड़का और लड़की दोनों की किसी दूसरे शख़्स से शादी हो रखी थी.

इन दोनों फ़ैसलों से ये सवाल खड़ा होता है कि अगर किसी व्यक्ति की शादी हुई हो तो क्या वो किसी और के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकता है?

By admin