वक्फ बिल पर उखड़े तेजस्वी
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू पर निशाना साधते हुए दावा किया, ‘वे यह साबित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस विधेयक से मुसलमानों को फायदा होगा, लेकिन इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली है।’
JDU के मुस्लिम नेताओं पर भी उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता ने आरोप लगाया, ‘देखिए किस तरह जदयू ने अपने मुस्लिम नेताओं को संवाददाता सम्मेलन करने के लिए मजबूर किया, लेकिन वे पूरी तरह असफल रहे।’
जानिए क्या हुआ जदयू में
जदयू की प्रेसवार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान, एमएलसी खालिद अनवर और गुलाम गौस तथा राज्यसभा के पूर्व सदस्य अशफाक करीम और कहकशां परवीन सहित अन्य लोग शामिल हुए। अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अफजल अंसारी और पार्टी प्रवक्ता अंजुम आरा द्वारा मुसलमानों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री के प्रयासों पर प्रकाश डालने वाला एक लिखित बयान पढ़े जाने के बाद किसी भी वरिष्ठ नेता ने प्रेसवार्ता को संबोधित नहीं किया। प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद सभी नेता पत्रकारों के सवालों से बचते हुए तुरंत चले गए।
तेजस्वी यादव ने नीतीश के भविष्य पर उठा दिए सवाल
जदयू की प्रेसवार्ता समाप्त होने के कुछ ही मिनट बाद तेजस्वी यादव ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। यादव ने तंज कसते हुए कहा, ‘ऐसा लगता है कि उनके (जदयू) कार्यालय में नीतीश कुमार की तस्वीरों की जगह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीरें लगा दी जाएंगी। चुनाव खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री का क्या हश्र होगा, यह तो एक बच्चा भी जानता है।’
हमारी सरकार बनी तो वक्फ बिल कूड़ेदान में- तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक का संसद के दोनों सदनों में पार्टी सांसदों द्वारा विरोध किया गया क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 26 का उल्लंघन करता है जो धार्मिक मामलों के प्रबंधन की स्वतंत्रता से संबंधित है। पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने कहा, ‘यह विधेयक बेरोजगारी जैसी ज्वलंत समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने और भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति में मदद करने के इरादे से लाया गया है। लेकिन हम इस विधेयक को बिहार में लागू नहीं होने देंगे। अगर राज्य में अगली सरकार हमारी बनी तो इस विधेयक को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।’
‘वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई राजद’
उन्होंने कहा, ‘हमने वक्फ विधेयक के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का भी रुख किया है। हमारा मानना है कि आज मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और कल सिखों और ईसाइयों की बारी आ सकती है।’
भाषा के इनपुट्स