डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने युवाओं से आत्म-अनुशासन और टीमवर्क के मूल्यों को आत्मसात करने का आग्रह किया और कहा कि ‘व्यक्तिगत प्रतिभा’ अकेले किसी संगठन या राष्ट्र को विकसित नहीं कर सकती।
एडमिरल ने एनसीसी कैडेटों से कहा, ‘यदि आप इस टीम स्पिरिट और युवा ऊर्जा को एकता और उद्देश्य के साथ जोड़ते हैं, तो यह हमारे राष्ट्र के 2047 तक विकसित भारत बनने की खोज में एक प्रेरक शक्ति बन जाएगी।’
नौसेना प्रमुख ने युवाओं को आत्म-अनुशासन, टीमवर्क सिखाया
नौसेना प्रमुख त्रिपाठी ने सोमवार को अपने संबोधन ने एनसीसी की भूमिका को उजागर किया, जो युवाओं को देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों से सुसज्जित करता है।
उन्होंने बताया कि युवा देश की जनसंख्या का लगभग 65 प्रतिशत बनाते हैं और इसलिए उन्हें 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाना चाहिए, जब उनमें से अधिकांश अपनी 30 के दशक के अंत या 40 के दशक की शुरुआत में होंगे।
यदि मैं ‘विकसित भारत’ के निर्माण को एक फिल्म के निर्माण के समान देखता हूं, तो आप इस यात्रा में इसके अभिनेता, अभिनेत्री, निर्माता, निर्देशक और कई बार इसके दर्शक भी होंगे।
उन्होंने कहा कि युवा भारतीय जनसंख्या का 65 प्रतिशत बनाते हैं। ‘मैं आप पर दबाव नहीं डाल रहा हूं, लेकिन आपको काम करना होगा क्योंकि आप जनसंख्या के अधिकांश हैं।’
एनसीसी के नए प्रशिक्षण और नागरिक प्रयासों की सराहना
एडमिरल त्रिपाठी ने सेना, नौसेना और वायु सेना के विंग से राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) 2026 का दौरा किया, जिसमें उन्होंने प्रतिभागियों को एकता, अनुशासन और अखंडता के सिद्धांतों को बनाए रखने और राष्ट्र के प्रति समर्पित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
एडमिरल त्रिपाठी का स्वागत एनसीसी कैडेटों द्वारा गार्ड आफ आनर देकर किया गया। उन्होंने आपरेशन सिंदूर के दौरान लगभग 72,000 एनसीसी कैडेटों के नागरिक रक्षा प्रयासों में योगदान की सराहना की।
एडमिरल त्रिपाठी ने एनसीसी द्वारा अपनाए गए नए और नवोन्मेषी प्रशिक्षण उपायों की प्रशंसा की, जिसमें ड्रोन संचालन और साइबर जागरूकता से संबंधित पहलों का समावेश है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उद्धरण देते हुए नौसेना प्रमुख ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवाओं पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘भारत का युवा वैश्विक भलाई के लिए एक शक्ति है।’
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)