डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पिछले वर्ष आर्थिक धोखाधड़ी के जरिये वैश्विक अर्थव्यवस्था को 442 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। इंटरपोल ने सोमवार को जारी अपनी 2026 की वैश्विक आर्थिक धोखाधड़ी खतरा आकलन रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।
धोखाधड़ी की पूरी योजना के साथ अंजाम
रिपोर्ट में वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े वैश्विक जोखिम को ‘उच्च’ श्रेणी में रखा गया है। इंटरपोल ने कहा कि ठग अब ‘एजेंटिक’ एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो अपने आप धोखाधड़ी की पूरी योजना बना सकता है और उसे अंजाम दे सकता है, जिसमें प्रारंभिक जानकारी जुटाने से लेकर फिरौती की मांग तक शामिल है।
एआई के कारण धोखाधड़ी अधिक खतरनाक
एआई के कारण धोखाधड़ी पारंपरिक तरीकों की तुलना में 4.5 गुना अधिक खतरनाक हो गई है, क्योंकि एजेंटिक एआई प्रणाली अब स्वायत्त रूप से पूरी धोखाधड़ी की योजना बनाने और उसे क्रियान्वित करने में सक्षम हैं।
‘इंटरपोल ग्लोबल फाइनेंशियल फ्राड थ्रेट असेसमेंट’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में वैश्विक धोखाधड़ी संकट की गंभीर तस्वीर पेश की गई है।
वित्तीय धोखाधड़ी का जोखिम
इसमें बताया गया है कि धोखाधड़ी अब एक बहु-अपराधी माहौल का रूप ले चुकी है, जहां मादक पदार्थों की तस्करी जैसे पारंपरिक अपराध अब इंटरनेट के माध्यम से संचालित अत्याधुनिक, तकनीक-समर्थित ठगी के साथ जुड़ रहे हैं।
रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि फ्राड-एज-ए-सर्विस प्लेटफार्म और जेनेरेटिव एआई ने इस क्षेत्र में कई बाधाओं को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे कम कौशल वाले लोग भी बेहद वास्तविक दिखने वाले धोखाधड़ी अभियानों को अंजाम दे पा रहे हैं।