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विनायक दामोदर सावरकर के फ़्रांस में पानी के जहाज़ से भागने और पकड़े जाने की कहानी

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Feb 26, 2026


 विनायक दामोदर सावरकर

इमेज स्रोत, savarkarsmarak.com

इमेज कैप्शन, विनायक दामोदर सावरकर (फ़ाइल फ़ोटो)

एक जुलाई, 1909 को सावरकर से प्रभावित और अक्सर लंदन के इंडिया हाउस आने वाले मदनलाल ढींगरा ने भारतीय मामलों के मंत्री के सहयोगी कर्ज़न विली को गोली मार दी.

ब्रिटिश सरकार विली की हत्या में सावरकर की भूमिका को तो सिद्ध नहीं कर पाई लेकिन उसे ये अंदाज़ा ज़रूर हो गया कि मदनलाल और सावरकर में गहरी दोस्ती है और सावरकर ने ही ढींगरा के बेगुनाह होने की याचिका तैयार की थी.

जब मजिस्ट्रेट की अदालत में ढींगरा को उनका बयान नहीं पढ़ने दिया गया तो सावरकर ने ही उसे एक ब्रिटिश पत्रकार की मदद से लंदन के एक अख़बार में प्रकाशित करवाया था.

मदनलाल ढींगरा पर मुक़दमा चला और डेढ़ महीने के अंदर ही उन्हें 17 अगस्त, 1909 को फाँसी दे दी गई लेकिन इस बीच नासिक में ब्रिटिश कलेक्टर आर्थर जैकसन की हत्या में सावरकर का नाम आने की वजह से लंदन में उनकी मुश्किलें बढ़ गई थीं.

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