डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगले पांच वर्षों में ग्रामीण भारत में 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो कि विकसित भारत ‘रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) के तहत होगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना विकसित भारत के निर्माण के लिए एक व्यापक रोडमैप प्रदान करती है। त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में वीबी-जी राम जी कार्यक्रम पर एक सम्मेलन में बुधवार को केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि यह योजना समाज के सभी वर्गों की सेवा के लिए बनाई गई है।
ग्रामीण भारत में 10 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे
वीबी-जी राम जी 125 दिनों की रोजगार की गारंटी देता है, जो पहले की सौ दिनों के रोजगार से 25 दिन अधिक है। ग्रामीण कार्यक्रम के लिए 1,51,282 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि वित्त आयोग के माध्यम से अतिरिक्त 55 हजार करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे, जिससे कुल आवंटन एक वर्ष में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में वीबी-जी राम जी कार्यक्रम के तहत देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 10 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। देश में 2.86 करोड़ ग्राम पंचायतें हैं और प्रत्येक पंचायत को इस कार्यक्रम के तहत पांच वर्षों में 1.50 करोड़ से 2.75 करोड़ रुपये के बीच प्राप्त होंगे।
पिछली सरकारों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान ग्रामीण रोजगार कार्यों पर 10 वर्षों में 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि एनडीए सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 8.54 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
पंचायतों को 1.50-2.75 करोड़ रुपये मिलेंगे
वीबी-जी राम जी योजना के तहत यह सुनिश्चित करने के लिए प्रावधान किए गए हैं कि यदि काम मांगने के बाद रोजगार नहीं दिया जाता है, तो लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वेतन भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को ब्याज के साथ भुगतान प्राप्त करने का अधिकार होगा।
योजना के तहत प्रशासनिक व्यय को छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दिया गया है। इससे पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों, क्लर्क और तकनीकी कर्मचारियों के लिए वेतन से संबंधित समस्याएं नहीं होंगी।
(न्यूज एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)